Saturday, February 7

‘घूसखोर पंडत’ विवाद: FWICE ने नीरज पांडे को दी चेतावनी, कहा- टाइटल बदलो वरना बायकॉट

मुंबई: मनोज बाजपेयी की अपकमिंग फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ के टाइटल को लेकर विवाद बढ़ गया है। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने फिल्म के प्रोड्यूसर नीरज पांडे और उनके प्रोडक्शन हाउस फ्राइडे फिल्मवर्क्स को चेतावनी दी है कि यदि फिल्म का टाइटल तुरंत नहीं बदला गया तो FWICE और इसके संबद्ध संघों के सदस्य फिल्म और प्रोडक्शन हाउस का बायकॉट करेंगे।

This slideshow requires JavaScript.

FWICE ने यह भी कहा कि फिल्म का टाइटल किसी खास समुदाय और उनकी पारंपरिक आजीविका के प्रति अपमानजनक है। फेडरेशन ने इंडस्ट्री के प्रमुख संस्थानों जैसे इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन, प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया, अमेज़न, नेटफ्लिक्स और डिज़्नी प्लस हॉटस्टार को भी पत्र लिखकर दखल देने की अपील की है।

पत्र में क्या कहा गया:
FWICE ने कहा कि ‘घूसखोर पंडत’ टाइटल भावनाओं को ठेस पहुँचाने, गलतफहमी फैलाने और सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने की क्षमता रखता है। फेडरेशन का मानना है कि हर पेशा सम्मान और गरिमा का हकदार है और फिल्म इंडस्ट्री अभिव्यक्ति की आज़ादी के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी निभाती है।

FWICE ने प्रोड्यूसर यूनिट से अपील की कि सामाजिक सद्भाव और एकता के हित में इस टाइटल को तुरंत वापस लिया जाए और भविष्य में ऐसे विवादास्पद टाइटल के रजिस्ट्रेशन की अनुमति न दी जाए।

बायकॉट की चेतावनी
पत्र में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो FWICE अपने सभी संबद्ध संघों और सैकड़ों सदस्यों को निर्देश देगा कि वे नीरज पांडे या फ्राइडे फिल्मवर्क्स के किसी भी प्रोजेक्ट से दूरी बनाए रखें।

टाइटल विवाद का कारण
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद लखनऊ के हजरतगंज थाने में फिल्म के डायरेक्टर और टीम के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। आरोप है कि फिल्म का टाइटल ‘पंडत’ एक समुदाय और जाति को बदनाम कर रहा है, जिस कारण फिल्म टीम ने सभी प्रमोशनल कंटेंट हटाने की बात कही। मनोज बाजपेयी ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हैं

इस विवाद ने फिल्म और प्रोडक्शन हाउस के सामने सामाजिक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के महत्व को फिर से उजागर कर दिया है।

Leave a Reply