Saturday, February 7

रेलवे के इतिहास में पहली बार स्पेशल ट्रेन से सांडों का सफर, बेंगलुरु से कश्मीर पहुंचे 23 विदेशी नस्ल के पशु

श्रीनगर: भारतीय रेलवे ने इतिहास रच दिया है। पहली बार जिंदा पशुओं को ट्रेन के जरिए लंबी दूरी तय कर कश्मीर पहुंचाया गया। बेंगलुरु से रवाना हुई मालगाड़ी में कुल 23 विदेशी नस्ल के सांड सुरक्षित रूप से जम्मू और कश्मीर के विभिन्न गोदामों तक पहुँचाए गए।

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रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस ऐतिहासिक परिवहन के लिए विशेष कक्ष और भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के कड़े नियमों का पालन किया गया। इससे यह सुनिश्चित हुआ कि पशुओं को यात्रा के दौरान कोई शारीरिक क्षति या तनाव न हो।

बारी ब्राह्मणा गोदाम में छह सांड उतारे गए, जबकि बाकी 17 मध्य कश्मीर के बुडगाम गोदाम में भेजे गए। अधिकारियों के अनुसार, यह पहल कृषि और पशुपालन विभाग के प्रजनन विकास कार्यक्रम का हिस्सा है और रेलवे ने इसे सुगम बनाया।

जम्मू रेलवे डिवीजन के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस ऐतिहासिक ट्रांसपोर्ट से कश्मीर में उच्च गुणवत्ता वाले पशु उपलब्ध होंगे, जिससे स्थानीय मवेशी नस्लों में सुधार और दूध उत्पादन में वृद्धि होगी। रेलवे परिवहन ने सड़क मार्ग की तुलना में लागत कम की और प्रतिकूल मौसम में भी सुरक्षित और समय पर डिलीवरी सुनिश्चित की।

इससे पहले, कश्मीर को देश के रेलवे नेटवर्क से जोड़ने वाले श्रीनगर-जम्मू रेल लिंक का उद्घाटन पिछले साल जून में किया गया था। इस ऐतिहासिक रेल सेवा ने घाटी को हर मौसम में आवागमन और माल ढुलाई की सुविधा दी है, जिससे व्यापारियों और किसानों को बड़ी राहत मिली है।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह ऐतिहासिक उपलब्धि केवल लॉजिस्टिक दृष्टि से नहीं, बल्कि कश्मीर की दुग्ध अर्थव्यवस्था के लिए भी क्रांतिकारी साबित होगी।

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