Saturday, February 7

बाएं हाथ से बल्लेबाजी, दाएं हाथ से गेंदबाजी… भारत का नया ‘सौरव गांगुली’ बना U19 वर्ल्ड कप का हीरो, जानिए कौन हैं आरएस अंबरीश

हरारे। अंडर-19 विश्व कप 2026 जीतने के बाद जहां हर तरफ 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी की ऐतिहासिक 175 रन की पारी की चर्चा हो रही है, वहीं इस खिताबी सफर में एक ऐसा खिलाड़ी भी रहा जिसने गेंद और बल्ले दोनों से टीम इंडिया की जीत की मजबूत नींव रखी। यह खिलाड़ी हैं आरएस अंबरीश, जिन्हें उनके अनोखे खेल अंदाज के कारण क्रिकेट जगत में ‘नया सौरव गांगुली’ कहा जा रहा है।

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अंबरीश की खासियत यह है कि वह बाएं हाथ से बल्लेबाजी करते हैं और दाएं हाथ से मध्यम गति की तेज गेंदबाजी करते हैं। यही वजह है कि उनका ऑलराउंड प्रदर्शन इस पूरे टूर्नामेंट में भारत के लिए बेहद अहम साबित हुआ।

फाइनल में दिखाया ऑलराउंड दम, 18 रन और 3 विकेट

इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए फाइनल मुकाबले में अंबरीश ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह सिर्फ सहायक खिलाड़ी नहीं, बल्कि मैच विनर हैं।

उन्होंने 7वें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 18 रन बनाए और फिर गेंदबाजी में शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 अहम विकेट चटकाए।

खास बात यह रही कि इंग्लैंड को पहला झटका भी अंबरीश ने ही दिया, जिससे भारतीय गेंदबाजों का आत्मविश्वास और बढ़ गया। इसके बाद उन्होंने अपने स्पेल में निरंतर दबाव बनाए रखा और अंत में जेम्स मिंटो तथा मैनी लुम्सडेन को आउट कर इंग्लैंड की बची-कुची उम्मीदें भी खत्म कर दीं।

7 मैचों में 11 विकेट, न्यूजीलैंड के खिलाफ 4 विकेट झटके

पूरे अंडर-19 विश्व कप 2026 में आरएस अंबरीश का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा। उन्होंने भारत के लिए 7 मैचों में 11 विकेट लिए।

न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए 29 रन देकर 4 विकेट झटके, जो टूर्नामेंट में उनके सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन में शामिल रहा।

इतना ही नहीं, बल्लेबाजी में भी उन्होंने टीम के लिए अहम योगदान दिया।
चार पारियों में उन्होंने कुल 73 रन बनाए, जबकि तीन मैचों में उन्हें बल्लेबाजी का मौका ही नहीं मिला।

रणजी ट्रॉफी तक का सफर, तमिलनाडु से खेलते हैं अंबरीश

महज 18 साल के आरएस अंबरीश घरेलू क्रिकेट में तमिलनाडु का प्रतिनिधित्व करते हैं। वह अब तक रणजी ट्रॉफी में दो मुकाबले भी खेल चुके हैं, जहां उन्हें ओपनिंग बल्लेबाजी करने का अवसर भी मिला।

इतना ही नहीं, उनकी कप्तानी में तमिलनाडु ने कूच विहार ट्रॉफी का खिताब भी जीता था, जो उनकी नेतृत्व क्षमता को भी दर्शाता है।

यूथ वनडे में भी शानदार रिकॉर्ड

आरएस अंबरीश का यूथ वनडे रिकॉर्ड भी काफी मजबूत है।

  • 12 पारियों में 271 रन

  • 2 अर्धशतक

  • 18 मैचों में 24 विकेट

ये आंकड़े साफ बताते हैं कि अंबरीश भारतीय क्रिकेट के लिए एक बड़ा भविष्य हैं।

भारत के खिताबी सफर का मजबूत स्तंभ बने अंबरीश

वैभव सूर्यवंशी ने फाइनल में भले ही रन बरसाकर सुर्खियां बटोरी हों, लेकिन भारत के विश्व विजेता बनने के पीछे आरएस अंबरीश जैसे ऑलराउंडर की भूमिका बेहद निर्णायक रही।

उनकी गेंदबाजी में धार, बल्लेबाजी में संयम और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट को एक और बड़ा सितारा मिलने वाला है।

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