
सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में सेना के रिमाउंट डिपो ट्रेनिंग स्कूल के ऊपर एक ड्रोन उड़ता हुआ देखा गया। बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने के इस मामले में सेना ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दो युवकों को हिरासत में ले लिया। उनके पास से ड्रोन और लैपटॉप बरामद हुआ, जिसमें आर्मी परिसर के भीतर की फोटो और वीडियो मिलीं।
घटना का क्रम:
थाना गागलहेड़ी में सूबेदार बालू सिंह की तहरीर के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे जवानों ने ड्रोन को निर्माणाधीन इमारत और आसपास के इलाके पर चार चक्कर लगाते हुए देखा। तुरंत उच्च अधिकारियों को सूचना दी गई। तलाशी अभियान के दौरान रसूलपुर गांव के पास ड्रोन संचालित करते हुए दो युवक पकड़ लिए गए।
सैन्य परिसर के फोटो-वीडियो बरामद:
लैपटॉप की प्रारंभिक जांच में रिमाउंट डिपो परिसर के भीतर के फोटो और वीडियो मिले, जिनमें निर्माण कार्य से जुड़ी कई तस्वीरें और फुटेज शामिल हैं। इसके बाद दोनों युवकों को पूछताछ के लिए जनकपुरी थाने और फिर गागलहेड़ी थाने लाया गया।
केंद्र सरकार के सर्वे प्रोजेक्ट का दावा:
पूछताछ में दोनों युवकों ने कहा कि वे केंद्र सरकार के एक सर्वे प्रोजेक्ट से जुड़े हैं और नदियों के सर्वे के लिए ड्रोन से फोटो-वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे। उनके पास सरकार का एक आधिकारिक पत्र भी था। हालांकि, सेना और पुलिस उस पत्र की वैधता की गहन जांच कर रही हैं।
सेना क्षेत्र में ड्रोन उड़ाना नियमों के खिलाफ:
सूबेदार बालू सिंह ने स्पष्ट किया कि आर्मी क्षेत्र में ड्रोन उड़ाने से पहले अनुमति लेना अनिवार्य है। बिना अनुमति ड्रोन उड़ाना गंभीर नियम उल्लंघन है, खासकर जब रिकॉर्डिंग में सैन्य परिसर के अंदरूनी दृश्य शामिल हों।
जांच जारी:
सेना और पुलिस संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रही हैं। ड्रोन उड़ाने की अनुमति, सरकारी पत्र की प्रमाणिकता और लैपटॉप के डेटा की फॉरेंसिक जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।