Friday, February 6

रेलवे को लगाया चूना, विनायक लॉजिस्टिक्स पर ED का कड़ा प्रहार, करोड़ों की संपत्ति कुर्क

जयपुर: भारतीय रेलवे के साथ 16.15 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जयपुर जोनल ऑफिस से बड़ी कार्रवाई की है। जांच में सामने आया कि विनायक लॉजिस्टिक्स और इसके डायरेक्टर प्रवेश काबरा ने मार्बल पाउडर और डोलोमाइट जैसे कीमती माल को सस्ते माल के रूप में दर्ज कर 120 से अधिक रेक का अवैध परिवहन किया और GST की भारी चोरी की।

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ED ने PMLA एक्ट के तहत गुरुग्राम में स्थित 13.48 करोड़ रुपये की आलीशान रिहायशी संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है। इससे पहले जनवरी में 2.67 करोड़ रुपये की व्यावसायिक संपत्ति कुर्क की जा चुकी थी। अब तक कुल 16.15 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है।

सस्ते माल के नाम पर महंगा खेल

जांच में यह खुलासा हुआ कि साल 2021-22 के दौरान आरोपियों ने रेलवे के बुकिंग रिकॉर्ड में हेरफेर किया। महंगे माल को ‘एलम पाउडर’ और ‘पुट्टी’ जैसे सस्ते माल के रूप में दर्ज किया गया, ताकि रेलवे फ्रेट और GST में भारी चोरी की जा सके।

120 से अधिक रेक का अवैध परिवहन

अधिकारियों के अनुसार आरोपियों ने फर्जी फॉरवर्डिंग नोट्स और गलत कोड का सहारा लेकर 120 से अधिक रेक का अवैध परिवहन किया। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की जांच में पता चला कि जो माल सस्ते नाम पर भेजा गया, वह वास्तव में कीमती मार्बल और डोलोमाइट पाउडर था। इस धोखाधड़ी से सरकारी खजाने को 16.15 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

ED की जांच गुरुग्राम तक पहुँची

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने धोखाधड़ी की राशि को निजी खर्चों और व्यवसाय में लगा दिया। इसकी भरपाई के लिए ED ने हरियाणा के गुरुग्राम स्थित करोड़ों की रिहायशी संपत्ति को जब्त कर लिया।

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