
अहमदाबाद: गुजरात सरकार ने आम नागरिकों की शिकायतों को सीधे सुनने और समाधान के लिए पुलिस महकमे में नई व्यवस्था लागू की है। गृह विभाग ने 20 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों को विभिन्न जिलों का प्रभारी बनाया है। ये अधिकारी महीने में दो बार अपने जिलों का दौरा करेंगे, थानों में बैठकर जनता की फरियाद सुनेंगे और अपनी रिपोर्ट डीजीपी और गृह विभाग को भेजेंगे।
हर्ष संघवी के निर्देश पर नई पहल:
सूत्रों के अनुसार, यह व्यवस्था उपमुख्यमंत्री और गृह विभाग प्रभारी हर्ष संघवी के सुझाव पर लागू की गई है। वडोदरा के बीजेपी विधायकों की शिकायत के बाद, सरकार ने निर्णय लिया कि अधिकारी जनता की समस्याओं पर ध्यान दें और उनके कामकाज की नियमित निगरानी हो। यह पहल गुजरात पुलिस में पहली बार लागू की गई है।
जिलों के प्रभारी अफसर और रेंज:
| रेंज / जिला | आईपीएस अधिकारी | पद |
|---|---|---|
| अहमदाबाद ग्रामीण | दीपक मेघाणी | DIG |
| आणंद | सुजाता मजूमदार | DIG |
| खेडा-नडियाद | निर्लिप्त राय | DIG |
| गांधीनगर | खुर्शीद अहमद | ADGP |
| महेसाणा | परीक्षिता राठौड़ | IG |
| साबरकांठा | गगनदीप गंभीर | DIG |
| वडोदरा ग्रामीण | निर्लिप्त राय | DIG |
| छोटा उदेपुर | सरोज कुमारी | DIG |
| भरूच | आर वी चुडासमा | DIG |
| नर्मदा | सुधा पांडेय | DIG |
| पंचमहाल-गोधरा | सुधा पांडेय | DIG |
| महिसागर | डॉ. जी ए पंडया | DIG |
| दाहोद | विशाल कुमार वाघेला | DIG |
| सूरत ग्रामीण | आर टी सुशरा | DIG |
| तापी | डॉ. सुधीर देसाई | DIG |
| वलसाड | पी एल माल | IG |
| जूनागढ़ | तरुण कुमार दुग्गल | DIG |
| गिर सोमनाथ | आर पी बारोट | DIG |
| पोरबंदर | हितेश जोयशर | DIG |
| भावनगर | हितेश जोयशर | DIG |
| बोटाद | तरुण कुमार दुग्गल | DIG |
| अमरेली | आर टी सुशरा | DIG |
| पश्चिम कच्छ-भुज | अजय चौधरी | ADGP |
| पूर्व कच्छ-भुज | अजय चौधरी | ADGP |
| बनासकांठा | चैतन्य मांडलिक | DIG |
| पाटण | डॉ. सुधीर देसाई | DIG |
| वाव-थराद | मनोज निनामा | IG |
नई व्यवस्था के उद्देश्य:
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जिलों के एसपी और रेंज आईजी के बीच निगरानी का तीसरी आंख के रूप में काम करना
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थाना स्तर पर जनता की शिकायतों का त्वरित समाधान
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पीआई और पीएसआई के कार्य में सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करना
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अफसरों के दौरे का ऐलान पहले से करना ताकि ज्यादा से ज्यादा थाने कवर हो सकें
सरकार की उम्मीद:
गृह विभाग का कहना है कि यह पहल स्थानीय निकाय चुनावों से पहले सिस्टम को संवेदनशील और जवाबदेह बनाने के लिए की गई है। यदि किसी अधिकारी का काम ठीक नहीं पाया गया, तो उसकी रिपोर्ट के आधार पर गृह विभाग सुधारात्मक कदम उठाएगा।