
पटना। बिहार के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता सम्राट चौधरी ने गुरुवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनकी पार्टी पर करारा प्रहार किया। सम्राट चौधरी ने राजद को वंशवाद की राजनीति का प्रतीक बताते हुए कहा कि पार्टी में लोकतंत्र का कोई स्थान नहीं है और वहां कार्यकर्ता गुलामी की मानसिकता में जी रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राजद का संगठन अब नीति और विचारधारा के बजाय एक ही परिवार के इर्द-गिर्द घूमता है, जहां योग्यता नहीं बल्कि पारिवारिक संबंध ही सत्ता का आधार बन चुके हैं।
तेजस्वी को कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर कटाक्ष
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने तेजस्वी यादव को राजद का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर तंज कसते हुए कहा कि लालू यादव का अपने बेटे के प्रति प्रेम इतना गहरा है कि उन्होंने पार्टी की कमान भी उसी के हाथ में सौंप दी।
उन्होंने कहा कि राजद में किसी अन्य नेता या कार्यकर्ता के लिए आगे बढ़ने की कोई गुंजाइश नहीं है, क्योंकि वहां नेतृत्व केवल परिवार तक सीमित रह गया है।
सम्राट चौधरी ने आरोप लगाया कि राजद में योग्यता का कोई मूल्य नहीं और संगठनात्मक लोकतंत्र से ऊपर केवल पारिवारिक रिश्तों को महत्व दिया जाता है।
‘राजद में लोकतंत्र के लिए जगह नहीं’
सम्राट चौधरी ने राजद की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी में लोकतांत्रिक परंपरा पूरी तरह समाप्त हो चुकी है।
उन्होंने दावा किया कि राजद का नेतृत्व ढांचा अब लालू यादव और उनके बेटे तेजस्वी यादव के आसपास ही घूम रहा है, जबकि पुराने नेताओं और कार्यकर्ताओं को केवल आदेश मानने के लिए छोड़ दिया गया है।
‘कार्यकर्ता गुलाम हैं’ कहकर किया बड़ा हमला
सम्राट चौधरी ने राजद के पुराने नेताओं और कार्यकर्ताओं की तुलना गुलामों से करते हुए कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता स्वतंत्र सोच नहीं रखते, बल्कि उन्हें केवल आदेश पालन के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
उन्होंने कहा कि जो लोग इस व्यवस्था के बावजूद पार्टी में बने हुए हैं, वे अपनी मर्जी से गुलामी स्वीकार कर रहे हैं।
विधानसभा चुनाव परिणामों का किया जिक्र
राजद पर निशाना साधते हुए सम्राट चौधरी ने बिहार विधानसभा चुनाव परिणामों का हवाला दिया और दावा किया कि बिहार की जनता ने राजद की राजनीति को पूरी तरह नकार दिया है।
उन्होंने कहा कि जनता ने राजद को पराजित कर उसे सिर्फ 25 सीटों तक सीमित कर दिया। चौधरी ने यह भी आरोप लगाया कि यह परिणाम जनता के गुस्से और राजद पर अविश्वास का स्पष्ट प्रमाण है।
कानून व्यवस्था पर विपक्ष को जवाब
राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष की आलोचना पर सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार सरकार का बचाव किया। उन्होंने बिहार पुलिस की कार्यकुशलता की प्रशंसा करते हुए दावा किया कि बिहार पुलिस का भय अब राज्य से बाहर भी फैल चुका है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बेंगलुरु जैसे शहरों में भी अपराधियों को मदद के लिए टीवी पर गुहार लगानी पड़ रही है, जिससे यह साफ है कि अपराधियों में पुलिस का डर बढ़ा है।
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में कानून का शासन स्थापित है और सरकार की नीति अपराध के खिलाफ जीरो टोलरेंस की है।
राजनीतिक तनाव के बीच आया बयान
सम्राट चौधरी की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब राजद के भीतर संगठनात्मक बदलाव और राजनीतिक हलचल की चर्चाएं तेज हैं। तेजस्वी यादव को कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के बाद पार्टी में आंतरिक समीकरणों को लेकर भी चर्चा बढ़ गई है।
भाजपा नेता ने इसे वंशवादी राजनीति का उदाहरण बताते हुए कहा कि राजद का भविष्य भी इसी कारण संकट में है।
निष्कर्ष
सम्राट चौधरी का यह बयान बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ सकता है। उन्होंने जहां राजद को वंशवाद और गुलामी की संस्कृति वाली पार्टी बताया, वहीं नीतीश सरकार की कानून व्यवस्था को मजबूत बताते हुए विपक्ष के आरोपों को खारिज किया। अब देखना होगा कि सम्राट चौधरी के इस तीखे बयान पर राजद की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।