Friday, February 6

न बैंड-बाजा, न पंडित, न मंत्र… सिर्फ सिंदूर से रच गई शादी! सीतामढ़ी में प्रेमी युगल बना एक-दूजे का

सीतामढ़ी। बिहार के सीतामढ़ी जिले से एक अनोखी और चर्चा में रहने वाली शादी का मामला सामने आया है। यहां न तो बारात निकली, न बैंड-बाजा बजा, न पंडित बुलाए गए और न ही मंत्रोच्चारण हुआ। सिर्फ कुछ ही मिनटों में सिंदूरदान के साथ प्रेमी युगल विवाहबंधन में बंध गया।

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इस अनोखी शादी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। मामला जिले के परिहार थाना क्षेत्र के सहरगामा गांव का है।

डेढ़ साल से चल रहा था प्रेम प्रसंग

जानकारी के अनुसार, युवक और युवती दोनों गांव के ही रहने वाले हैं। दोनों के बीच करीब एक से डेढ़ साल से प्रेम संबंध चल रहा था। समाज और परिवार के डर के कारण दोनों छिप-छिपकर मिलते थे।

लेकिन बुधवार की शाम जब युवक अचानक युवती के घर पहुंच गया, तब युवती के परिजनों ने उसे देख लिया और पकड़ लिया। इसके बाद देखते ही देखते गांव में खबर फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां जुट गए।

गांव वालों ने कराई शादी, बना दिया जोड़ा

युवक पकड़े जाने के बाद मामला बढ़ने लगा, लेकिन ग्रामीणों ने स्थिति को संभालते हुए निर्णय लिया कि यदि दोनों एक-दूसरे के साथ रहना चाहते हैं, तो उनकी शादी करा दी जाए।

गुरुवार को गांव के लोगों की मौजूदगी में युवती के घर पर ही विवाह की रस्म पूरी कराई गई।

चंद मिनटों में संपन्न हुई शादी की रस्म

इस शादी में सबसे खास बात यह रही कि पूरी रस्म सिर्फ सिंदूरदान से पूरी हुई।
युवक ने युवती की मांग में पांच बार सिंदूर भरा, और वहां मौजूद ग्रामीणों ने तालियां बजाकर नवदंपति का स्वागत किया।

इसके बाद दोनों ने युवती के माता-पिता के चरण छूकर आशीर्वाद लिया। युवती के माता-पिता ने भी शादी पर खुशी जाहिर की और दोनों को आशीर्वाद दिया।

दोनों ने कहा- शादी अपनी मर्जी से की

इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो गांव के ही एक युवक ने बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में युवक-युवती से सवाल पूछे जाते हैं कि क्या वे दबाव में हैं?

इस पर दोनों ने साफ कहा कि उन्होंने अपनी मर्जी से शादी की है और किसी तरह का दबाव नहीं है। युवक ने यह भी कहा कि वह युवती को कभी परेशान नहीं करेगा और हमेशा उसका साथ देगा।

शादी में युवक के परिजन नहीं थे मौजूद

बताया जा रहा है कि शादी के दौरान युवक के परिवार वाले मौके पर मौजूद नहीं थे, जबकि युवती के माता-पिता और ग्रामीण उपस्थित रहे।

इस विवाह को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हैं, लेकिन अधिकांश लोग इसे प्रेम कहानी का सुखद अंत मान रहे हैं।

अलग-अलग बिरादरी के हैं दोनों

जानकारी के मुताबिक युवक का नाम मनीष कुमार और युवती का नाम गंगा कुमारी है। दोनों हिंदू समुदाय से हैं, लेकिन अलग-अलग बिरादरी से संबंध रखते हैं। इसके बावजूद ग्रामीणों ने आपसी सहमति के आधार पर दोनों की शादी कराकर सामाजिक संदेश भी दिया है।

निष्कर्ष

सीतामढ़ी की यह शादी भले ही परंपरागत तरीके से नहीं हुई, लेकिन गांव वालों की मौजूदगी में प्रेमी युगल का विवाह संपन्न कराकर एक बड़े विवाद को टाल दिया गया। यह मामला अब सोशल मीडिया पर वायरल होने के साथ-साथ पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है।

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