Thursday, February 5

Korean Love Game: दोस्ती के बहाने मासूमों का दिमाग हाईजैक, 50वें दिन बनता है खौफनाक चैलेंज

गाजियाबाद: ऑनलाइन गेमिंग की दुनिया में बच्चों के लिए खतरा बढ़ता ही जा रहा है। हाल ही में गाजियाबाद में तीन सगी नाबालिग बहनों की मौत ने फिर से यह सवाल खड़ा किया है कि क्या मोबाइल गेम्स मासूमों के दिमाग को हाईजैक कर रहे हैं।

This slideshow requires JavaScript.

रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘कोरियन लव गेम’ जैसे मोबाइल गेम्स में बच्चे अजनबियों से बातें करते हैं। गेम की शुरुआत दोस्ती और प्यार के बहाने होती है, लेकिन धीरे-धीरे यह ‘गेम मास्टर’ के खौफनाक खेल में बदल जाता है।

कैसे फंसते हैं बच्चे:

  1. बच्चे गेम के जरिए अजनबियों से संपर्क में आते हैं।

  2. अजनबी अपने आप को कोरियाई या विदेशी नागरिक बताते हैं और भरोसा जीतते हैं।

  3. शुरुआती दौर में बच्चे कुछ आसान टास्क जैसे रात में जागना आदि करते हैं।

  4. समय के साथ टास्क मुश्किल और मानसिक दबाव बढ़ाते हैं।

  5. यह चैलेंज लगातार 50 दिनों तक चलता है, और अंत में 50वें दिन खुदकुशी का खौफनाक टास्क दिया जाता है।

‘गेम मास्टर’ की भूमिका:

‘गेम मास्टर’ वह अजनबी होता है जो बच्चों के संपर्क में रहता है।

  • शुरुआत में वह नरमी और दोस्ताना व्यवहार दिखाता है।

  • धीरे-धीरे वह सख्ती और धमकी के जरिए बच्चे पर नियंत्रण बनाता है।

  • गेम की लत लगने के बाद बच्चे उसके आदेश मानने लगते हैं।

गाजियाबाद की घटना में यह स्पष्ट नहीं हुआ कि मौत सीधे कोरियन लव गेम की वजह से हुई, लेकिन जांच में पता चला कि बहनें इस गेम की लत की शिकार थीं।

भारत में बच्चों की सुरक्षा के लिए सतर्कता जरूरी

यह घटना केवल मनोरंजन की आड़ में बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर खतरनाक प्रभाव डालने वाली गेमिंग की चेतावनी है। माता-पिता और शिक्षकों को चाहिए कि:

  • बच्चों के मोबाइल गेम्स और ऑनलाइन चैट्स पर नजर रखें।

  • टास्क-आधारित गेम्स से बच्चों को दूर रखें।

  • स्क्रीन टाइम को सीमित करें और डिजिटल गतिविधियों में संतुलन बनाएँ।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के ऑनलाइन गेम्स मासूम बच्चों के लिए साइलेंट किलर बन चुके हैं, और समय रहते कड़े नियम लागू करना बेहद जरूरी है।

Leave a Reply