
राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बगरू से भाजपा विधायक कैलाश चंद वर्मा विपक्ष की बार-बार हस्तक्षेप से नाराज हो गए। ऊर्जा विभाग से जुड़े सवाल पूछते समय उनकी नाराजगी के कारण सदन में कुछ देर के लिए तनाव का माहौल बन गया।
JEN कार्यालयों के उन्नयन की उठाई मांग
विधायक ने अपने क्षेत्र में बढ़ते विद्युत उपभोक्ताओं का हवाला देते हुए कहा कि मौजूदा JEN कार्यालयों पर काम का दबाव बढ़ गया है। उन्होंने मांग की कि उपभोक्ताओं की संख्या को देखते हुए इन कार्यालयों को AEN स्तर पर क्रमोन्नत किया जाए, ताकि बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा सकें और आम जनता को राहत मिले।
विपक्ष की टोका-टोकी से बिगड़ा माहौल
जब विधायक अपना सवाल रख रहे थे, उसी दौरान विपक्षी सदस्य बार-बार हस्तक्षेप करने लगे। इससे नाराज वर्मा ने तीखे शब्दों में आपत्ति जताई और कहा कि पहले उनका सवाल पूरा होने दिया जाए। उनके गुस्से के कारण सदन में कुछ देर के लिए शोर-शराबा का माहौल बन गया।
अध्यक्ष ने संभाला सदन
इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने हस्तक्षेप कर विधायक को शांत कराया और सभी सदस्यों से संसदीय मर्यादा बनाए रखने की अपील की। अध्यक्ष के प्रयासों के बाद सदन में धीरे-धीरे शांति स्थापित हुई।
ऊर्जा मंत्री ने दिया जवाब
राज्य मंत्री (ऊर्जा) हीरालाल नागर ने विधायक के सवाल का जवाब देते हुए बताया कि बद के बालाजी और गोनेर क्षेत्र निर्धारित मानकों को पूरा करते हैं। उन्होंने कहा कि कार्यालयों के उन्नयन से संबंधित प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजे जाएंगे, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके।
सदन में शांति धारीवाल की गाली चर्चा में
घटना के बाद विधानसभा परिसर में पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक शांति धारीवाल द्वारा सरकारी मुख्य सचेतक को अपशब्द कहने का मामला भी चर्चा का विषय बना। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बजट सत्र के दौरान ऐसे मुद्दों पर संयम और संवाद बेहद जरूरी है, ताकि जनता से जुड़े सवालों पर सार्थक चर्चा हो सके।