Thursday, February 5

स्वदेशी LCA Mk1A की डिलीवरी: पांच फाइटर जेट तैयार, HAL पर उठ रहे सवाल

स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) Mk1A की डिलीवरी को लेकर चर्चा तेज है। सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने साफ किया है कि पांच हल्के लड़ाकू विमान पूरी तरह तैयार हैं और भारतीय वायु सेना को समय पर उपलब्ध कराने के लिए एयर फोर्स के साथ बातचीत चल रही है।

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हालांकि, इससे पहले मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि LCA Mk1A की डिलीवरी 31 मार्च, 2026 तक पूरी होने में देरी हो सकती है और विमान मई तक एयर फोर्स में शामिल नहीं हो पाएंगे। रिपोर्ट के अनुसार, एवियोनिक्स और फाइनल सर्टिफिकेशन का काम अभी लंबित है।

HAL का बयान:
HAL ने कहा है कि पांच विमान डिलीवरी के लिए तैयार हैं और इनमें समझौते के अनुसार सभी मुख्य क्षमताएं मौजूद हैं। कंपनी ने यह भी बताया कि जेनरल इलेक्ट्रिक (GE) से पांच इंजन मिल चुके हैं और भविष्य में इंजन सप्लाई भी योजना के अनुसार होगी। HAL ने भरोसा दिलाया कि वह चालू वित्त वर्ष में निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करेगा।

एयर फोर्स में शामिल होने की प्रक्रिया:
हालांकि पांच विमान तैयार हैं, लेकिन उन्हें एयर फोर्स में शामिल करने के लिए पूरी तरह ऑपरेशनल स्थिति में होना जरूरी है। इसमें वेपन फायरिंग टेस्ट पूरे हो चुके हैं, लेकिन इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सूट और AESA रडार के पूरी तरह काम करने की पुष्टि अभी बाकी है। इसके अलावा, विदेशी वेंडर से कल-पुर्जों की लेट सप्लाई और उन्हें फिट करने में देरी भी एक वजह मानी जा रही है।

LCA Mk1A प्रोग्राम में देरी की कहानी:
स्वदेशी फाइटर जेट प्रोग्राम में लगातार देरी हुई है। शुरू में ये विमान मार्च 2025 तक डिलीवर होने थे। GE से इंजन सप्लाई में देरी और प्रोडक्शन चुनौती के कारण डिलीवरी मार्च 2026 तक स्थगित की गई थी। इसके बावजूद, HAL ने बेंगलुरू और नासिक में नई असेंबली लाइन शुरू कर प्रोडक्शन बढ़ाने का प्रयास किया है।

भारतीय वायु सेना ने LCA Mk1A के लिए कुल 180 विमानों का ऑर्डर दिया है। पिछले साल सितंबर में रक्षा मंत्रालय ने HAL को 97 तेजस Mk1A लड़ाकू और दो सीट ट्रेनर जेट के लिए ₹62,370 करोड़ का ठेका दिया था, जिसमें 68 लड़ाकू और 29 दो-सीटर ट्रेनर शामिल हैं।

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