
पटना: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हालिया दिल्ली दौरे को लेकर सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने ममता बनर्जी का खुलकर समर्थन करते हुए उनकी तुलना झांसी की रानी लक्ष्मीबाई से की है। वहीं भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री के मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात पर सवाल उठाए हैं।
पप्पू यादव ने कहा कि “ममता बनर्जी झांसी की रानी हैं। वह लड़ाकू नेता हैं और संघर्ष करना जानती हैं।” उन्होंने इशारों में केंद्र की राजनीति पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि देश में मजबूत विपक्ष की जरूरत है और ममता बनर्जी जैसी नेता लोकतांत्रिक संघर्ष का प्रतीक हैं।
बीजेपी का पलटवार
इससे पहले भाजपा नेता दिलीप घोष ने ममता बनर्जी के दिल्ली दौरे को लेकर आलोचना की थी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पश्चिम बंगाल में एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है, तब मुख्यमंत्री को दिल्ली जाने की क्या जरूरत थी। घोष ने दावा किया कि निष्पक्ष प्रक्रिया होने पर राज्य की राजनीतिक तस्वीर बदल सकती है।
भाजपा का कहना है कि चुनाव आयोग की निगरानी में चल रही प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी, जैसा अन्य राज्यों में किया गया। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष अनावश्यक राजनीतिक विवाद खड़ा कर रहा है।
बढ़ी राजनीतिक तल्खी
ममता बनर्जी की चुनाव आयोग से मुलाकात के बाद शुरू हुआ विवाद अब राष्ट्रीय राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है। एक ओर विपक्ष इसे संवैधानिक संवाद का हिस्सा बता रहा है, तो दूसरी ओर भाजपा इसे राजनीतिक दबाव की कोशिश करार दे रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाज़ी और तेज होने के संकेत हैं।