Thursday, February 5

नीट छात्रा मौत के बाद सख्त हुई सरकार: बिना पुलिस वेरिफिकेशन और CCTV के नहीं चलेंगे गर्ल्स हॉस्टल

पटना: राजधानी पटना में नीट परीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के बाद बिहार सरकार ने राज्यभर के गर्ल्स हॉस्टल और लॉज के लिए कड़े सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की अनुशंसा की है, वहीं छात्राओं की सुरक्षा को लेकर नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू करने का आदेश दिया गया है।

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पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में सभी जिलों के वरीय पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को परामर्श पत्र जारी कर छात्रावासों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है। यह कदम राज्य में रह रही छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

24 घंटे महिला वार्डन और CCTV अनिवार्य

नए निर्देशों के तहत हर गर्ल्स हॉस्टल में 24 घंटे महिला वार्डन की मौजूदगी अनिवार्य होगी। वार्डन, गार्ड, रसोइया और सफाईकर्मियों समेत सभी कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन जरूरी किया गया है। हॉस्टल के मुख्य द्वार, गलियारों, भोजन कक्ष और परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे, जिनकी रिकॉर्डिंग कम से कम 30 दिनों तक सुरक्षित रखी जाएगी।

पंजीकरण और निगरानी व्यवस्था कड़ी

उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि राज्य के सभी गर्ल्स हॉस्टल और लॉज का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। प्रत्येक थाने में अपने क्षेत्र के हॉस्टलों का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा। इसकी जिम्मेदारी महिला हेल्प डेस्क को सौंपी गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

प्रवेश व्यवस्था सख्त, बायोमेट्रिक पर जोर

निर्देशों के अनुसार हॉस्टलों में पर्याप्त रोशनी, मजबूत दरवाजे, सुरक्षित खिड़कियां और स्वच्छ व्यवस्था अनिवार्य होगी। आने-जाने वाले हर व्यक्ति का नाम, मोबाइल नंबर और आधार विवरण विजिटर रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। आवासीय हिस्से में पुरुषों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

रात में छात्राओं और स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम लगाने पर भी जोर दिया गया है। आपात स्थिति के लिए स्थानीय थाना, महिला हेल्प डेस्क, अभया ब्रिगेड और 112 हेल्पलाइन नंबर से जुड़े पोस्टर हॉस्टलों में प्रदर्शित किए जाएंगे।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि पुलिस, महिला हेल्प डेस्क और अभया ब्रिगेड संयुक्त रूप से हॉस्टलों का नियमित निरीक्षण करेंगे। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।

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