
भोपाल: मध्य प्रदेश की वित्तीय स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। चालू वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार ने फिर से 5200 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है। इसके साथ ही प्रदेश का कुल कर्ज लगभग 4.75 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो वित्त वर्ष 2025-26 के 4.2 लाख करोड़ रुपये के बजट से लगभग 55,000 करोड़ अधिक है।
सरकार ने बताया है कि यह कर्ज विकास कार्यों पर खर्च किया जा रहा है। इसे तीन किस्तों में जारी किया जाएगा। राज्य के डेप्युटी सीएम और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि बुनियादी ढांचे के विकास और सार्वजनिक परियोजनाओं के लिए कर्ज लेना आवश्यक है।
कर्ज के आंकड़े:
पिछले वर्ष राज्य सरकार ने विभिन्न तारीखों पर कई किस्तों में कर्ज लिया। इनमें प्रमुख रकम इस प्रकार हैं:
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4 जुलाई 2025: 2300-2500 करोड़
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25 जुलाई 2025: 1000-2000 करोड़
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1 अगस्त 2025: 1400-1600 करोड़
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22 अगस्त 2025: 2300 करोड़
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3 सितंबर 2025: 1500-2500 करोड़
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19 सितंबर 2025: 1500-1500 करोड़
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24 अक्टूबर 2025: 2500-2700 करोड़
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7 नवंबर 2025: 4000 करोड़
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2 दिसंबर 2025: 3000 करोड़
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2 जनवरी 2026: 4000 करोड़
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30 जनवरी 2026: 5200 करोड़
विकास कार्यों में उपयोग:
सरकार का कहना है कि यह कर्ज सिंचाई परियोजनाओं, बांधों, नहरों, तालाबों और कुओं के निर्माण, बिजली उत्पादन और वितरण कंपनियों को सहायता तथा अन्य सार्वजनिक विकास कार्यों में लगाया गया है। सभी कर्ज को ब्याज सहित किस्तों में चुकाना होगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि अधिकांश कर्ज पिछली सरकारों द्वारा लिए गए थे, और वर्तमान में यह केवल विकास लक्ष्यों को पूरा करने के लिए लिया जा रहा है।