Wednesday, February 4

बिहार चुनाव 2025: विजयी उम्मीदवारों ने प्रचार में लाखों रुपये खर्च किए, ADR रिपोर्ट में हुआ खुलासा

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में जीत हासिल करने वाले उम्मीदवारों ने चुनाव प्रचार पर औसतन 24.33 लाख रुपये खर्च किए। यह जानकारी एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की ताज़ा रिपोर्ट में सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, चुनावी खर्च की अधिकतम सीमा 40 लाख रुपये निर्धारित थी, लेकिन लगभग 42 प्रतिशत विजयी विधायकों ने इसका केवल 61 प्रतिशत या उससे भी कम खर्च किया।

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ADR की रिपोर्ट में 240 विजयी विधायकों के खर्च का विश्लेषण किया गया। इसमें सबसे अधिक खर्च करने वाले और सबसे कम खर्च करने वाले उम्मीदवारों की जानकारी भी शामिल है।

पार्टियों के हिसाब से खर्च:

  • भाजपा (BJP): 88 विधायकों ने औसतन 27.36 लाख रुपये खर्च किए, यानी तय सीमा का 68.4 प्रतिशत।

  • जदयू (JDU): 84 विधायकों का औसत खर्च 25.53 लाख रुपये (63.8 प्रतिशत)।

  • लोजपा (रामविलास): 19 विधायकों ने औसतन 19.60 लाख रुपये खर्च किए (49 प्रतिशत)।

  • आरजेडी: 24 विधायकों का औसत खर्च 19.57 लाख रुपये (48.9 प्रतिशत)।

  • कांग्रेस: 6 विधायकों ने औसतन 13 लाख रुपये (32.5 प्रतिशत) खर्च किए।

  • सीपीआई(एमएल) लिबरेशन: 2 विधायकों का खर्च 17.05 लाख रुपये (42.6 प्रतिशत)।

  • एआईएमआईएम: 5 विधायकों ने 17.37 लाख रुपये (43.4 प्रतिशत) खर्च किए।

  • अन्य: सीपीआई(एम), इंडियन इन्क्लूसिव पार्टी, बीएसपी के विधायकों ने भी चुनाव में लाखों रुपये खर्च किए।

सबसे अधिक और सबसे कम खर्च:
उजियारपुर से आरजेडी के आलोक कुमार मेहता ने सबसे अधिक 36.55 लाख रुपये खर्च किए, जो निर्धारित सीमा का लगभग 91 प्रतिशत है। वहीं, जदयू के सुरसंड से विधायक नागेंद्र राउत ने मात्र 79,000 रुपये खर्च किए।

फंडिंग का स्रोत:
कुल खर्च का लगभग 70 प्रतिशत राजनीतिक पार्टियों से आया, 13 प्रतिशत उम्मीदवारों ने खुद जुटाया, और 17 प्रतिशत अन्य स्रोतों से प्राप्त हुआ।

इस रिपोर्ट से स्पष्ट है कि चुनाव में विजयी उम्मीदवारों ने अपने प्रचार में लाखों रुपये खर्च कर चुनावी जीत सुनिश्चित की, जबकि कुछ ने सीमित खर्च के साथ भी सफलता पाई।

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