Wednesday, February 4

दौसा तहसीलदार गजानंद मीणा विवाद में फंसे, कांग्रेस करेगी विधानसभा में विशेषाधिकार प्रस्ताव पेश

दौसा: राजस्थान की राजनीति में दौसा तहसीलदार गजानंद मीणा का नाम विवादों में आ गया है। कांग्रेस विधायक दीनदयाल बैरवा ने आरोप लगाया है कि तहसीलदार ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। इस घटना के बाद कांग्रेस अब विधानसभा में विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रही है।

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मंगलवार को विधानसभा में विधायक बैरवा ने कहा कि तहसीलदार भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, जनप्रतिनिधियों की बात नहीं सुनते और भूमाफियाओं से जुड़े हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मीणा ने कहा, “आप कौन हो” और “यहां से निकलो, मैं कोई जवाब नहीं दूंगा”, जो लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी सख्त कार्रवाई की मांग की है।

घटना सोमवार को दौसा में तब हुई जब अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान विधायक और तहसीलदार आमने-सामने आ गए। जयपुर–दौसा हाईवे पर ट्रक यूनियन कार्यालय के सामने सरकारी भूमि पर अतिक्रमण हटाने पहुंचे तहसीलदार ने कहा कि जमीन सरकारी है और कार्रवाई जारी रहेगी। विधायक ने कार्रवाई रुकवाने का लिखित आदेश मांगा, लेकिन तहसीलदार ने इसे खारिज कर दिया।

स्थिति को संभालने के लिए मौके पर दौसा पुलिस ने बीच-बचाव किया। इसके बाद तहसीलदार ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी की।

कांग्रेस ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और विधानसभा में विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पेश करने की योजना बना रही है।

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