Wednesday, February 4

साध्वी प्रेम बाईसा की मौत की गुत्थी सुलझाने एफएसएल जांच शुरू, 33 साक्ष्यों की जांच जयपुर में

जोधपुर में कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत अब तक रहस्य बनी हुई है। मामले की तह तक जाने के लिए जांच एजेंसियां हर संभावित पहलू पर काम कर रही हैं। साध्वी की मौत के जिस कमरे में घटना हुई, वहां से मिट्टी, कंघा, बाल, बर्तन, बिस्तर की चादर और कपड़े सहित कुल 33 अलग-अलग नमूने जुटाए गए हैं। ये सभी नमूने और विसरा अब जयपुर स्थित फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) भेज दिए गए हैं।

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राजस्थान एफएसएल के निदेशक डॉ. अजय शर्मा ने बताया कि यह पहला मामला है जिसमें किसी संदिग्ध मौत की जांच के लिए इतने अधिक सैंपल एकत्र किए गए हैं। घटना के पांच दिन बाद विशेष जांच दल (एसआईटी) ने साध्वी के कमरे का निरीक्षण कर बर्तनों, डस्टबिन और अन्य सैंपलों को भी जांच में शामिल किया।

इंजेक्शन और दवाइयों की भी जांच
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि साध्वी को दो बार इंजेक्शन लगाया गया था। इस कारण दोनों सिरिंज, इंजेक्शन के रैपर और दवाइयों की बोतलें भी एफएसएल को सौंपी गई हैं। इसके अलावा, साध्वी के पहले से ली जा रही सांस संबंधी दवाइयों, तकिए, तौलिये, फर्श पर मिले बाल, खून के नमूने, विसरा और शरीर से लिए गए डीएनए के दो नमूने भी जांच का हिस्सा हैं।

7 से 10 दिन में रिपोर्ट आने की संभावना
डॉ. अजय शर्मा के अनुसार सभी सैंपल मंगलवार शाम को प्रयोगशाला में भेजे गए। वरिष्ठ वैज्ञानिक इनकी जांच कर रहे हैं और सभी पहलुओं की परीक्षण प्रक्रिया के बाद रिपोर्ट लगभग 7 से 10 दिन में तैयार होगी।

एसआईटी हर एंगल से जांच में जुटी
जोधपुर रेंज के आईजी ओमप्रकाश ने बताया कि साध्वी प्रेम बाईसा की मौत की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। उनके कमरे को सील कर दिया गया है और साइबर टीम के साथ मिलकर हर पहलू की जांच की जा रही है। साध्वी को तबीयत खराब होने पर इंजेक्शन लगाने वाले कंपाउंडर देवी सिंह से भी पूछताछ जारी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि इंजेक्शन कहां से और किन परिस्थितियों में लाया गया था।

आईजी ने कहा, “एसआईटी, साइबर टीम और एफएसएल हर एंगल से जांच कर रही हैं। किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।”

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