
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काफिले में जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। मुख्यमंत्री की सुरक्षा को और पुख्ता करने के उद्देश्य से बिहार सरकार ने चार अत्याधुनिक, हाई-सिक्योरिटी और बुलेटप्रूफ रेंज रोवर SUV खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अधिकारियों के अनुसार यह निर्णय पूरी तरह सुरक्षा कारणों से लिया गया है।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि इन गाड़ियों की खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को आधिकारिक यात्राओं के दौरान इन बुलेटप्रूफ वाहनों में देखा जा सकेगा।
पहली बार काफिले में शामिल होगी हाई-एंड लग्जरी SUV
यह पहली बार होगा जब नीतीश कुमार के आधिकारिक काफिले में किसी हाई-एंड लग्जरी SUV को शामिल किया जाएगा। अब तक मुख्यमंत्री अपनी सादगीपूर्ण छवि के अनुरूप ज्यादातर इलेक्ट्रिक कारों या भारतीय कंपनियों द्वारा निर्मित वाहनों में ही सफर करते रहे हैं।
लेकिन सुरक्षा एजेंसियों की अनुशंसा और Z+ सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने रेंज रोवर जैसी अत्यधिक सुरक्षित गाड़ियों को शामिल करने का फैसला लिया है।
रेंज रोवर को माना जाता है सबसे सुरक्षित गाड़ियों में
सूत्रों के मुताबिक, चयनित रेंज रोवर मॉडल अपनी श्रेणी की सबसे सुरक्षित गाड़ियों में शामिल है। इसमें—
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बुलेटप्रूफ बॉडी
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एडवांस कम्युनिकेशन सिस्टम
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विशेष सुरक्षा तकनीक
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हाई-परफॉर्मेंस सुरक्षा फीचर्स
जैसी सुविधाएं मौजूद होंगी। इस तरह की गाड़ियां देश-विदेश के कई उच्च पदस्थ नेता और सुरक्षा एजेंसियां उपयोग करती हैं।
चार गाड़ियों के लिए 11 करोड़ से अधिक की राशि मंजूर
बिहार सरकार द्वारा इन चार बुलेटप्रूफ गाड़ियों की खरीद के लिए कुल 11,17,29,412 रुपये की राशि मंजूर की गई है। यानी एक गाड़ी की कीमत करीब 2,79,32,353 रुपये तय की गई है।
अधिकारियों ने बताया कि यह मंजूरी जुलाई 2025 में Z+ सुरक्षा कवर वाले व्यक्तियों के लिए दी गई थी।
एक गाड़ी उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी मिलेगी
सूत्रों के अनुसार, इन चार गाड़ियों में से एक गाड़ी उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी उपलब्ध कराई जाएगी। बाकी गाड़ियां मुख्यमंत्री और अन्य उच्च सुरक्षा श्रेणी वाले पदाधिकारियों की जरूरतों के अनुसार उपयोग में लाई जाएंगी।
सुरक्षा को लेकर सरकार का बड़ा कदम
राज्य सरकार का मानना है कि वर्तमान सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए यह निर्णय आवश्यक है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कदम मुख्यमंत्री सहित उच्च पदस्थ नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए उठाया गया है।