Wednesday, February 4

यूपी में SIR प्रक्रिया: वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए 6 फरवरी तक भरें फॉर्म 6, BLO के लिए आयोग के निर्देश जारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया तेज़ी से चल रही है। राज्य में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर दावा-आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम तिथि 6 फरवरी तय की गई है। इसको लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा ने सभी जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

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निर्देशों के अनुसार मतदाताओं की सुविधा के लिए बूथ लेवल अधिकारी (BLO) प्रत्येक कार्य दिवस पर सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक बूथ पर उपस्थित रहेंगे। बूथ पर एक हेल्प सेंटर स्थापित किया जाएगा, जहां ड्राफ्ट वोटर लिस्ट, डिलीटेड लिस्ट और मतदाता बनने से संबंधित फॉर्म उपलब्ध रहेंगे।

2003 की सूची से नाम न जुड़ने पर भी आवेदन संभव

कुछ क्षेत्रों से शिकायतें सामने आई थीं कि जिन मतदाताओं का नाम 2003 की वोटर लिस्ट से मैप नहीं हो रहा, उन्हें आवेदन जमा करने में परेशानी हो रही है। इस पर CEO ने स्पष्ट किया है कि चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित 13 वैध दस्तावेजों में से उपलब्ध दस्तावेज लगाकर कोई भी पात्र नागरिक वोटर आवेदन कर सकता है।

फॉर्म 7 पर सख्ती: पहचान और नोटिस अनिवार्य

चुनाव आयोग ने फॉर्म 7 के जरिए नाम जोड़ने या हटाने संबंधी आपत्तियों पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने कहा है कि यदि फॉर्म 7 भरकर कोई आपत्ति दर्ज की जाती है तो आपत्तिकर्ता और जिसके खिलाफ आपत्ति है—दोनों की पहचान सत्यापित की जाएगी।

निर्देश के मुताबिक फॉर्म 7 में आपत्तिकर्ता का नाम, वोटर आईडी नंबर और हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे। BLO के माध्यम से दोनों पक्षों को नोटिस भेजा जाएगा और जवाब के आधार पर ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि फॉर्म 7 केवल उसी विधानसभा क्षेत्र का मतदाता भर सकेगा।

27 फरवरी तक चलेगी निर्णय प्रक्रिया

निर्वाचन आयोग के अनुसार 6 फरवरी तक दावे और आपत्तियां ली जाएंगी। इसके बाद 27 फरवरी तक नोटिस, जवाब और निर्णय प्रक्रिया चलेगी। जो मतदाता 6 फरवरी तक आवेदन कर देंगे और दस्तावेज पूरे होंगे, उनका नाम 6 मार्च को प्रकाशित होने वाली फाइनल वोटर लिस्ट में शामिल कर लिया जाएगा।

केवल भारतीय नागरिक ही बन सकेंगे मतदाता

सीमावर्ती जिलों में शादी कर भारत आई नेपाली महिलाओं को लेकर आयोग ने स्थिति स्पष्ट की है। आयोग का कहना है कि मतदाता वही बन सकता है जो भारतीय नागरिक हो। जिनके पास भारतीय नागरिकता नहीं है, वे वोटर बनने के लिए आवेदन नहीं कर सकते। हालांकि, जिन्होंने भारतीय नागरिकता प्राप्त कर ली है, वे आवेदन कर सकेंगे।

आयोग ने फॉर्म में भारत के बाहर जन्मस्थान भरने का विकल्प भी जोड़ा है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि पिता भारतीय नागरिक है और मां भारतीय नागरिक नहीं है लेकिन वैध रूप से भारत में रह रही है, तो भारत में जन्मी संतान मतदाता बन सकती है।

‘बुक ए कॉल विद BLO’ सुविधा में यूपी अव्वल

मतदाताओं की सुविधा के लिए शुरू की गई ‘बुक ए कॉल विद BLO’ सेवा में उत्तर प्रदेश देश के बड़े राज्यों में पहले स्थान पर है। इस ऐप के जरिए दर्ज कॉल का BLO को 48 घंटे के भीतर जवाब देना होता है।

आंकड़ों के अनुसार यूपी में कुल 2.36 लाख कॉल आईं, जिनमें से 2.10 लाख कॉल का जवाब दिया जा चुका है, जो 89 प्रतिशत से अधिक है। वहीं, 48 घंटे से अधिक समय बाद जवाब दी गई कॉल की संख्या केवल 1412 है, जो कुल का 0.62 प्रतिशत है।

राष्ट्रीय औसत पेंडेंसी 18.84 प्रतिशत बताई गई है, जबकि केरल में 32 प्रतिशत, असम में 34 प्रतिशत, पश्चिम बंगाल में 22.13 प्रतिशत और महाराष्ट्र में 15.5 प्रतिशत पेंडेंसी दर्ज की गई है।

निर्वाचन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे समय रहते फॉर्म भरकर दावा-आपत्ति प्रक्रिया पूरी करें, ताकि उनका नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल हो सके।

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