
रायपुर: छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले की पंडरिया विधायक भावना बोहरा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हाल ही में उन्होंने 65 आदिवासियों को उनके मूल सनातन धर्म में लौटने का अवसर प्रदान किया। अब तक उनकी पहल से कुल 265 लोगों की धर्मवापसी कराई जा चुकी है। यह कार्यक्रम पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के वनांचल गांव दमगढ़ में आयोजित किया गया।
स्वेच्छा और सम्मान के साथ धर्मवापसी
आयोजन के दौरान धर्मवापसी करने वाले आदिवासी परिवारों का परंपरागत रीति-रिवाजों और विधि-विधान के अनुसार स्वागत किया गया। विधायक भावना बोहरा ने स्वयं आदिवासियों के पैर पखारकर उनका सम्मान किया और उन्हें उपहार भेंट किए। आयोजकों ने कहा कि यह धर्मवापसी पूरी तरह स्वेच्छा से हुई है और इसका उद्देश्य अपने मूल धर्म में लौट रहे परिवारों को सम्मान और सामाजिक स्वीकार्यता देना है।
पहले धर्म परिवर्तन के कारण
धर्मवापसी करने वाले लोगों ने बताया कि पहले उन्होंने बीमारी, आर्थिक परेशानी और कठिन परिस्थितियों के कारण दूसरे धर्म को अपनाया था। अब सही जानकारी और स्थानीय प्रयासों के चलते वे अपने मूल सनातन धर्म में लौट आए हैं। इस वापसी से उन्हें मानसिक शांति और संतोष की अनुभूति हुई है।
मिशनरियों पर स्थानीय आरोप
स्थानीय लोगों ने आदिवासी इलाकों में मिशनरी गतिविधियों पर आरोप लगाए। उनका कहना है कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की कमी का फायदा उठाकर लंबे समय से धर्मांतरण किया जा रहा था। बीमारी ठीक करने और आर्थिक मदद जैसे वादों के जरिए लोगों को बहकाया जाता रहा।
भावना बोहरा कौन हैं?
भावना बोहरा पंडरिया विधानसभा क्षेत्र से पहली बार बीजेपी के टिकट पर 2023 में विधायक बनीं। वे आदिवासी बाहुल्य इलाकों में धर्म परिवर्तन कर चुके लोगों की घर वापसी कराने के मिशन पर सक्रिय हैं। 2023 के चुनावी हलफनामे के अनुसार, वे छत्तीसगढ़ की सबसे अमीर विधायक हैं, जिनकी संपत्ति 33 करोड़ रुपए से अधिक है, जबकि देनदारी 6 करोड़ रुपए से अधिक है।
विधायक बनने से पहले वह कबीरधाम जिला पंचायत की सभापति रह चुकी हैं। उनका जन्म कवर्धा जिले के रणवीर गांव में हुआ। वह स्कूल चलाती हैं और सामाजिक संस्था के माध्यम से सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं। उनके पति मनीष बोहरा व्यवसायी हैं। वह कबीरधाम जिले में फ्री एंबुलेंस सेवा का संचालन भी करती हैं।