
कई महीनों की कड़ी बातचीत के बाद भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित ट्रेड डील पर आखिरकार मुहर लग गई है। इसे विशेषज्ञों ने “फादर ऑफ ऑल डील्स” करार दिया है। दोनों देशों ने 2030 तक आपसी व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुँचाने का लक्ष्य तय किया है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डील की घोषणा करते हुए कहा कि भारत पर रेसिप्रोकल टैरिफ को 25 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत अमेरिका से 500 अरब डॉलर तक सामान खरीद सकता है, जिसमें कृषि उत्पाद भी शामिल हो सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, भारत ने अमेरिका से पेट्रोलियम, डिफेंस गुड्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, टेलीकॉम प्रोडक्ट्स और एयरक्राफ्ट खरीदने पर सहमति जताई है। इसके बदले में भारत ने कुछ कृषि उत्पादों के मामले में अमेरिका को अपने बाजार तक पहुँच देने का आश्वासन दिया है।
सरकारी अधिकारी ने बताया कि यह डील की पहली किस्त है और आने वाले महीनों में और व्यापक डील पर बातचीत की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस कदम से अमेरिका के साथ भारत के ट्रेड डेफिसिट को कम करने में मदद मिलेगी।
वहीं, संसद में विपक्ष ने इस डील को लेकर हंगामा किया। कॉमर्स मिनिस्ट्री के आंकड़ों के मुताबिक जनवरी-नवंबर 2025 के दौरान भारत से अमेरिका को निर्यात 15.88 फीसदी बढ़कर 85.5 अरब डॉलर हो गया, जबकि आयात 46.08 अरब डॉलर रहा।
ट्रंप ने कहा, “भारत अमेरिका से एनर्जी, कोयला, टेक्नोलॉजी, कृषि और अन्य प्रोडक्ट्स की बड़ी मात्रा में खरीद के लिए सहमत हो गया है।”