
ग्वालियर (भितरवार/चीनोर): मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में मंगलवार को अचानक हुई भारी ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। सुबह के समय गिरे ओलों ने भितरवार और चीनोर क्षेत्र के कई गांवों के खेतों का मंजर बदल कर रख दिया।
ओलों की मार से गेहूं, चना और सरसों जैसी रबी फसलें बर्बाद हो गई हैं। खेतों में तने टूटे, बालियां झुकी और पत्तियां छलनी हो गईं। कुछ ही मिनटों में खेत सफेद चादर में ढक गए। ग्रामीणों ने बताया कि इतनी घनी और तेज ओलावृष्टि कभी नहीं देखी गई।
किसानों के चेहरे पर मायूसी
सुबह खेतों पर पहुंचे किसानों के चेहरे उतर गए। महीनों की मेहनत और लगाई गई लागत की फसलें तबाह हो गईं। कई किसानों का कहना है कि यदि नुकसान का सही आकलन हुआ, तो यह इस सीजन की सबसे बड़ी प्राकृतिक मार साबित हो सकती है।
गांवों में चिंता का माहौल
ओलावृष्टि की खबर फैलते ही गांवों में चिंता का माहौल बन गया है। किसान प्रशासन से तत्काल सर्वे और मुआवजे की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि समय पर राहत नहीं मिली तो आर्थिक संकट गहरा सकता है।
मौसम की इस अचानक मार ने एक बार फिर किसानों की बेबसी को उजागर कर दिया है। अब सबकी नजरें प्रशासनिक कार्रवाई और मौसम की अगली चाल पर टिकी हैं। ग्वालियर और चंबल के क्षेत्र में बीते कुछ दिनों से लगातार मौसम खराब है।