Tuesday, February 3

खुजदार में भीषण संघर्ष: क्या पाकिस्तानी परमाणु ठिकाने तक पहुंच गए बलूच विद्रोही? सेना के हाथ-पांव फूले

पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में हालात एक बार फिर विस्फोटक होते नजर आ रहे हैं। खुजदार जिले में पाकिस्तानी सेना और बलूच विद्रोहियों के बीच भीषण संघर्ष की खबरें सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में बलूच सशस्त्र समूहों ने यहां स्थित पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने पर हमला किया है। चूंकि खुजदार में सेना का बड़ा कैंटोनमेंट मौजूद है, इसलिए इस हमले को रणनीतिक रूप से बेहद गंभीर माना जा रहा है।

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कुछ सोशल मीडिया रिपोर्टों और विश्लेषकों के दावों के मुताबिक, खुजदार क्षेत्र में पाकिस्तान की परमाणु मिसाइलों या संवेदनशील सैन्य ढांचे की तैनाती भी हो सकती है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यदि यह सही साबित होता है तो यह पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ा झटका माना जाएगा।

रणनीतिक खुजदार में जारी झड़पें

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक हैंडल ने दावा किया कि खुजदार में बलूच स्वतंत्रता सेनानियों और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के बीच तीव्र झड़पें चल रही हैं। पोस्ट के अनुसार, खुजदार एक अत्यंत रणनीतिक जिला है, जहां पाकिस्तान का सबसे बड़ा सैन्य कैंटोनमेंट मौजूद है। इस कारण यहां किसी भी तरह की अस्थिरता को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है।

एक अन्य पोस्ट में कहा गया है कि यह इलाका संभावित रूप से परमाणु मिसाइल बेस से जुड़ा हो सकता है, जिससे स्थिति और भी संवेदनशील बन जाती है। इन दावों ने पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।

बलूचिस्तान में बढ़ेगा सैन्य दबाव

इन घटनाओं के बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बलूचिस्तान में सुरक्षा हालात को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस प्रांत में बड़ी संख्या में अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती करनी पड़ेगी। उनके अनुसार, हाल के दिनों में हमलों की संख्या बढ़ी है और सुरक्षा बलों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।

रक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि हाल ही में बलूचिस्तान के 12 अलग-अलग स्थानों पर हुए समन्वित हमलों के बाद सुरक्षा बलों ने 177 उग्रवादियों को मार गिराने का दावा किया है। इसके बावजूद स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में नहीं बताई जा रही है।

ख्वाजा आसिफ का बयान

नेशनल असेंबली को संबोधित करते हुए ख्वाजा आसिफ ने कहा,
“भौगोलिक रूप से बलूचिस्तान पाकिस्तान के करीब 40 प्रतिशत क्षेत्र में फैला है। इतनी विशाल और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले इलाके को नियंत्रित करना किसी घनी आबादी वाले शहर से कहीं ज्यादा मुश्किल है। हमारे सैनिक वहां तैनात हैं और आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं, लेकिन इतने बड़े क्षेत्र की निगरानी और गश्त करना बेहद चुनौतीपूर्ण है।”

निष्कर्ष

खुजदार में जारी संघर्ष ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या पाकिस्तान अपने सबसे संवेदनशील सैन्य और रणनीतिक ठिकानों की सुरक्षा सुनिश्चित कर पा रहा है। परमाणु ठिकानों से जुड़े संभावित दावों ने हालात को और गंभीर बना दिया है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि यह हमला केवल एक स्थानीय विद्रोही कार्रवाई था या पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा में गहरी सेंध का संकेत।

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