Tuesday, February 3

न्यू नोएडा के लिए 80 गांवों से खरीदी जाएगी जमीन, 5600 रुपये प्रति वर्ग मीटर का प्रस्ताव

नोएडा: ग्रेटर नोएडा के पास प्रस्तावित न्यू नोएडा सिटी को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया तेज हो गई है। दादरी और बुलंदशहर क्षेत्र के 80 गांवों की जमीन पर नए शहर का विकास किया जाएगा। इसके लिए किसानों से सीधे जमीन खरीदने का प्रस्ताव तैयार कर सरकार को मंजूरी के लिए भेज दिया गया है। प्राधिकरण ने जमीन का प्रस्तावित रेट 5600 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय किया है।

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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से निकटता, औद्योगिक विकास, प्रस्तावित फिल्म सिटी और जेवर एयरपोर्ट को देखते हुए इस इलाके में आबादी और निवेश बढ़ने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखकर दादरी-नोएडा-गाजियाबाद विशेष निवेश क्षेत्र (न्यू नोएडा) बसाने की योजना पर काम किया जा रहा है।

जमीन की खरीद-बिक्री पर नई व्यवस्था की तैयारी

प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार क्षेत्र में तेजी से हो रही जमीन की खरीद-बिक्री को नियंत्रित करने के लिए नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत किसानों को जमीन बेचने के लिए पहले प्राधिकरण में आवेदन करना होगा। निर्धारित समय-सीमा, संभवतः दो महीने के भीतर, प्राधिकरण तय दर पर जमीन खरीदने का निर्णय करेगा। तय समय में खरीद न होने पर किसान किसी अन्य को जमीन बेच सकेंगे। जमीन लेने से इनकार की स्थिति में प्राधिकरण को कारण बताना होगा।

इस प्रारूप पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। अधिकारियों का कहना है कि सरकार से दरों को मंजूरी मिलने के बाद सार्वजनिक सूचना जारी की जाएगी और चरणबद्ध तरीके से किसानों के साथ समझौते कर विकास कार्य शुरू होगा।

मास्टर प्लान के बाद तेज हुई हलचल

18 अक्टूबर 2024 को योगी कैबिनेट से न्यू नोएडा मास्टर प्लान-2041 को मंजूरी मिलने के बाद संबंधित गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री तेज हो गई है। पहले रजिस्ट्री रोकने पर विचार किया गया था, लेकिन अब नई प्रशासनिक व्यवस्था पर काम चल रहा है।

अस्थायी कार्यालय खोलने की तैयारी

योजना को अमली जामा पहनाने के लिए संबंधित क्षेत्र में अस्थायी कार्यालय खोलने की तैयारी है। सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र के पास जोखाबाद और सांवली गांव में लगभग 10 हजार वर्ग मीटर जमीन कार्यालय के लिए चिन्हित की गई है। मास्टर प्लान के तहत न्यू नोएडा को चार चरणों में विकसित करने का प्रस्ताव है। हालांकि, समयसीमा में बदलाव संभव है। पहले चरण को 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन अब तक कार्य शुरू नहीं हो सका है।

प्राधिकरण नए नोएडा के विस्तार पर भी विचार कर रहा है। बागपत और खेकड़ा तहसील के कुछ गांवों को शामिल करने का प्रस्ताव स्थानीय प्रशासन ने सरकार को भेजा है। इससे विकास का दायरा और बढ़ने की संभावना है।

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