
जयपुर। 1 फरवरी को पेश केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर राजस्थान में विपक्षी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे राजस्थान के लिए निराशाजनक और असंतोषजनक बताया।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि देश के सबसे बड़े राज्य राजस्थान का बजट भाषण में कोई उल्लेख नहीं होना प्रदेश के साथ सौतेलेपन को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि ERCP, नई रेलवे परियोजनाएं या मेट्रो प्रोजेक्ट की कोई घोषणा नहीं हुई, और गरीब, श्रमिक तथा असंगठित क्षेत्र के लिए कोई बड़ी राहत नहीं दी गई। गहलोत ने इसे ‘ऊंची दुकान, फीका पकवान’ करार दिया।
सचिन पायलट ने कहा कि बजट में युवाओं के रोजगार, महंगाई नियंत्रण, महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और कृषि क्षेत्रों के लिए कोई ठोस योजना नहीं दिखाई दी। उन्होंने इसे चुनावी बजट बताया, जिसमें राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों को नई परियोजनाओं से नजरअंदाज किया गया।
नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी बजट को निराशाजनक बताया। उन्होंने कहा कि इसे ‘विकसित भारत का बजट’ कहा जा रहा है, लेकिन राजस्थान का नाम तक नहीं लिया गया। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें, युवाओं, किसानों और मध्यम वर्ग की समस्याओं पर कोई चर्चा नहीं हुई।
राजस्थान में विपक्ष के नेताओं का एकमत है कि इस बजट ने प्रदेश की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है और संतुलित विकास की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।