
नई दिल्ली। ऑनलाइन गेमिंग ऐप की आड़ में बड़े पैमाने पर साइबर ठगी करने के आरोपों के बाद केंद्र सरकार ने ‘विंजो’ (Wingo) ऐप को ब्लॉक कर दिया है। जांच में सामने आया है कि यह ऐप उपयोगकर्ताओं के मोबाइल फोन के जरिए फर्जी एसएमएस भेजकर लोगों से पैसे वसूलने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।
गृह मंत्रालय और I4C की संयुक्त कार्रवाई
अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय और भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) को ऐप के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए ऐप पर तत्काल रोक लगाने का फैसला किया गया।
जांच में पाया गया कि ऐप डाउनलोड करने के बाद यूजर अनजाने में साइबर अपराधियों द्वारा चलाए जा रहे एसएमएस धोखाधड़ी नेटवर्क का हिस्सा बन जाते थे। उनके मोबाइल से बिना जानकारी के大量 में संदेश भेजे जाते थे, जिनका इस्तेमाल ठगी के लिए किया जाता था।
प्रचार से जुड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म भी बंद
सरकार ने केवल ऐप ही नहीं, बल्कि इसके नियंत्रण केंद्र (कंट्रोल सिस्टम) को भी ब्लॉक कर दिया है। इसके अलावा,
- 1.53 लाख यूजर्स वाले चार टेलीग्राम चैनल,
- और ऐप का प्रचार करने वाले 50 से अधिक यूट्यूब वीडियो
भी बंद कर दिए गए हैं।
लालच में फंसे लाखों लोग
अधिकारियों ने बताया कि ऐप यूजर्स को छोटे–छोटे दैनिक भुगतान का लालच दिया जाता था। इसी लालच में आकर 1.53 लाख से अधिक लोग अनजाने में इस साइबर फ्रॉड का हिस्सा बन गए। ऐप के जरिए भेजे गए फर्जी एसएमएस रोज़ाना करीब 1.53 करोड़ लोगों तक पहुंच रहे थे।
ई–चालान फ्रॉड जांच में खुलासा
ई-चालान से जुड़े साइबर धोखाधड़ी मामलों की जांच के दौरान इस ऐप की भूमिका सामने आई थी। इसके बाद नोएडा पुलिस ने भी ऐप के दुरुपयोग को लेकर गंभीर चिंता जताई थी।
सरकारी एजेंसियों ने लोगों से अपील की है कि वे अनजान ऐप डाउनलोड करने से बचें, ऐप को दी जाने वाली अनुमतियों को ध्यान से पढ़ें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें।