
नई दिल्ली। भारत के महत्वाकांक्षी मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम गगनयान मिशन को लेकर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बड़ा अपडेट दिया है। इसरो के अध्यक्ष वी. नारायणन ने बताया कि वर्ष 2027 में प्रस्तावित गगनयान मिशन से पहले तीन मानवरहित मिशनों को अंजाम दिया जाएगा और फिलहाल पहले मानवरहित मिशन की तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं।
नारायणन ने शुक्रवार देर रात पत्रकारों से बातचीत में कहा कि गगनयान कार्यक्रम भारत के अंतरिक्ष इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा। इस मिशन का उद्देश्य तीन सदस्यीय भारतीय दल को तीन दिनों के लिए अंतरिक्ष में भेजना और उन्हें सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस लाना है।
सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
इसरो प्रमुख ने स्पष्ट किया कि मानव अंतरिक्ष उड़ान में सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। इसी कारण मिशन से जुड़ी हर प्रणाली का बारीकी से परीक्षण किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “हमें हर सिस्टम की गुणवत्ता सुनिश्चित करनी होगी। रॉकेट प्रणाली में शत–प्रतिशत सफलता जरूरी है। किसी भी तरह की चूक की कोई गुंजाइश नहीं है।”
व्यापक परीक्षण जारी
गगनयान मिशन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए इसरो वैज्ञानिक लगातार कई अहम परीक्षण कर रहे हैं। हर तकनीकी पहलू का गहन मूल्यांकन किया जा रहा है ताकि मिशन को सर्वोत्तम स्तर पर अंजाम दिया जा सके।
पीएसएलवी–सी62 मिशन पर भी नजर
इसरो अध्यक्ष ने पीएसएलवी–सी62 मिशन का जिक्र करते हुए बताया कि 12 जनवरी को प्रक्षेपण के बाद रॉकेट के तीसरे चरण में आई तकनीकी गड़बड़ी का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है। वैज्ञानिक हर पहलू का अध्ययन कर रहे हैं ताकि भविष्य के मिशनों में ऐसी किसी भी समस्या से बचा जा सके।
इसरो प्रमुख ने भरोसा जताया कि गगनयान मिशन को पूरी सावधानी, वैज्ञानिक दक्षता और तकनीकी उत्कृष्टता के साथ सफल बनाया जाएगा।