
1953 में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आयोजित एक ऐतिहासिक क्रिकेट मैच में भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और तत्कालीन उपराष्ट्रपति डॉ. एस. राधाकृष्णन आमने-सामने आए। इस प्रदर्शनी मैच में नेहरू की टीम ने बल्लेबाजी की, जबकि राधाकृष्णन की टीम ने गेंदबाजी की, और मुकाबला ड्रा रहा। इस आयोजन से बाढ़ राहत कोष के लिए लगभग एक लाख रुपये जुटाए गए।
दो दिवसीय मुकाबले की झलक
मैच अपने 64वें जन्मदिन से मात्र दो महीने पहले हुए। नेहरू ने टॉस जीतकर पहली पारी में बल्लेबाजी करने का फैसला किया। फुटेज में देखा जा सकता है कि नेहरू, तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष ए. के. गोपालन के साथ बल्लेबाजी कर रहे थे। पहली पारी में नेहरू की टीम ने तीन विकेट पर 220 रन बनाए, जबकि राधाकृष्णन की टीम ने पहले दिन का खेल 86 रन पर दो विकेट खोकर समाप्त किया।
दूसरे दिन, सांसद सफेद क्रिकेट पोशाक में मैदान पर उतरे। कमेंटेटर ने टिप्पणी की, “क्रिकेट में राजनीति की कोई जगह नहीं होती।” उपराष्ट्रपति की टीम ने अपनी पहली पारी छह विकेट पर 231 रन बनाकर घोषित की, जबकि नेहरू की टीम ने दूसरी पारी में तीन विकेट पर 160 रन बनाकर पारी घोषित की। मैच अंततः ड्रा रहा।
फुटेज में मौजूद दर्शक और प्रतिक्रिया
इस ऐतिहासिक फुटेज में तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद और कई केंद्रीय मंत्री दर्शक दीर्घा में बैठे दिखाई देते हैं। मैच के दौरान नेहरू और राधाकृष्णन दोनों ने बाढ़ राहत के लिए उदारता से दान देने की अपील भी की।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर यह दुर्लभ फुटेज साझा किया और इसकी खोज के लिए भारतीय क्रिकेट पुरालेख विशेषज्ञ जय गलगली को श्रेय दिया। जयराम रमेश ने लिखा कि यह वीडियो “वास्तव में अनोखा और शानदार” है।
सामाजिक उद्देश्यों के लिए क्रिकेट का योगदान
सांसदों द्वारा विभिन्न सामाजिक उद्देश्यों के लिए प्रदर्शनी क्रिकेट मैच खेलना कोई नई बात नहीं है। 2024 में भी सांसदों ने तपेदिक जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से दिल्ली के मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में मैत्रीपूर्ण 20 ओवर का मैच खेला था।