Saturday, January 31

बारामती विमान हादसा: फायर फाइटर्स क्यों नहीं थे, केंद्र ने दिया जवाब

 

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नई दिल्ली: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की विमान दुर्घटना के बाद केंद्र सरकार ने बारामती एयरपोर्ट पर सुरक्षा इंतजामों और फायर फाइटर्स की गैरमौजूदगी पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने बताया कि दुर्घटना की जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इंवेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) और डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) कर रहे हैं। हादसाग्रस्त विमान का ब्लैक बॉक्स भी बरामद कर लिया गया है।

 

मंत्री ने हैदराबाद में विंग्स इंडिया 2026 के मौके पर कहा कि जांच प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत में हवाई सुरक्षा का मामला जीरो टॉलरेंस का विषय है और जांच रिपोर्ट जल्दी तैयार कराई जाएगी।

 

फायर फाइटर्स की गैरमौजूदगी पर स्पष्टीकरण

जब बारामती एयरपोर्ट पर विमान हादसे के समय फायर फाइटर्स क्यों मौजूद नहीं थे, यह सवाल पूछा गया, तो मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह एयरस्ट्रिप मुख्य रूप से फ्लाइंग ट्रेनिंग स्कूल के लिए उपयोग की जाती है। इसके लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। एयरस्ट्रिप का संचालन नॉन-शेड्यूल ऑपरेटर्स परमिट (NSOP) के आधार पर होता है, इसलिए इसे कमर्शियल एविएशन के लिए तैयार नहीं किया गया है।

 

नायडू ने कहा, “जब हम किसी एनएसओपी स्ट्रिप को कमर्शियल एयरपोर्ट के रूप में लाइसेंस देते हैं, तब सभी सुरक्षा और सुविधा मानक लागू कराए जाते हैं। बारामती एयरपोर्ट विशेष रूप से फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन के लिए है।” उन्होंने यह भी बताया कि भारत विश्व के सुरक्षित देशों में से एक है, जहां एविएशन सेफ्टी प्रोटोकॉल का पालन सख्ती से किया जाता है।

 

हादसे में पांच की मौत

अजित पवार और चार अन्य लोग 28 जनवरी 2026 को चार्टर्ड विमान दुर्घटना में अपनी जान गंवा बैठे। विमान बारामती एयरपोर्ट के टेबलटॉप रनवे से केवल 200 मीटर की दूरी पर क्रैश लैंड हुआ। महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र को लिखित तौर पर इस घटना की जांच के लिए अनुरोध किया है।

 

(इनपुट-पीटीआई)

 

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