
जोधपुर: राजस्थान पुलिस की जांबाज अधिकारी छवि शर्मा इन दिनों प्रदेश की सबसे चर्चित जांच का चेहरा बनी हुई हैं। जोधपुर में ACP वेस्ट के पद पर तैनात छवि शर्मा न केवल एक सख्त और निष्पक्ष पुलिस अधिकारी हैं, बल्कि वे साध्वी प्रेम बाईसा की रहस्यमयी मौत के हाई-प्रोफाइल मामले की कमान संभाल रही हैं। पूरे प्रदेश की नजरें अब उनकी तफ्तीश पर टिकी हैं।
करियर की शुरुआत और अजमेर में धाक
छवि शर्मा ने अपने पुलिसिया सफर की शुरुआत 2019 में डिप्टी एसपी (DySP) के रूप में की। उनकी पहली पोस्टिंग अजमेर नॉर्थ सर्कल में हुई, जहाँ उन्होंने लगभग दो साल तक अपनी कुशल कार्यशैली और निडरता से अपराधियों में खौफ पैदा किया। अजमेर की तंग गलियों से लेकर बड़े क्राइम सीन तक, छवि शर्मा ने हर चुनौती का डटकर सामना किया।
अजमेर से जोधपुर कमिश्नरेट तक
साल 2022 में उनकी मेहनत रंग लाई और उन्हें असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) बनाया गया। इसके बाद उनका तबादला सेंट्रल जोधपुर कमिश्नरेट में हुआ। वर्तमान में वे ACP वेस्ट के महत्वपूर्ण पद पर तैनात हैं, जो जोधपुर के सबसे संवेदनशील इलाकों में से एक माना जाता है। छवि शर्मा ने हमेशा अपनी वर्दी और जिम्मेदारी का मान बनाए रखा है।
साध्वी प्रेम बाईसा केस – सबसे बड़ी चुनौती
साध्वी प्रेम बाईसा की रहस्यमयी मौत के बाद इस केस ने तेजी से संवेदनशीलता और जटिलता पकड़ ली। इंजेक्शन लगाने वाले कंपाउंडर से पूछताछ और ‘सुसाइड नोट’ की सच्चाई का पता लगाना छवि शर्मा की प्राथमिकता है। समर्थकों के हंगामे और राजनीतिक दबाव के बीच वे निष्पक्षता और पेशेवर दृष्टिकोण के साथ इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी हैं।
छवि शर्मा का करियर और उनका साहस यह दर्शाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी न्याय और सुरक्षा की डोर मजबूत हाथों में हो।