
पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मीडिया पर पैनी नजर हमेशा बनी रहती है। हाल ही में एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जो 2003 के संसद सत्र का है। उस समय नीतीश कुमार केंद्र में रेल मंत्री थे। वीडियो में वे मीडिया की कुछ खबरों पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते दिख रहे हैं।
नीतीश कुमार ने संसद में कहा था कि एक अखबार ने यह खबर छाप दी कि कोई उनके “दामाद” बनकर गया है, जबकि उनकी कोई बेटी नहीं है। उन्होंने हंसते हुए कहा, “दामाद बन गये! वाह रे वाह!” उस समय उनके चेहरे पर गहरी नाराजगी झलक रही थी।
नीतीश कुमार के गुस्से के अन्य प्रमुख प्रसंग भी सामने आए हैं। जनवरी 2021 में जब जदयू के महासचिव पवन वर्मा ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ गठबंधन का विरोध किया, तो उनका पत्र देशभर की मीडिया में प्रमुख खबर बन गया। इस कवरेज से नीतीश कुमार बेहद नाराज हुए। 24 जनवरी 2020 को कर्पूरी ठाकुर जयंती पर आयोजित समारोह में उन्होंने मीडियाकर्मियों से अपील की कि वे केवल विवादित बातों को नहीं, बल्कि राज्य में हो रहे विकास कार्यों पर ध्यान दें।
इसके अलावा अक्टूबर 2023 में जब वे तेजस्वी यादव के साथ सरकार चला रहे थे, तब भी कुछ खबरों के गलत तरीके से दिखाए जाने पर उन्होंने मीडिया पर नाराजगी जताई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दीक्षांत समारोह में उनकी बातचीत को गलत तरीके से पेश किया गया। इस पर नीतीश कुमार ने दो दिन बाद साफ कहा कि “अब मीडिया से कभी बात नहीं करेंगे।”
इन घटनाओं से स्पष्ट होता है कि नीतीश कुमार 25 साल में कई बार मीडिया और राजनीतिक घटनाओं से दिल दुखते रहे हैं, और उनका गुस्सा कभी-कभी सार्वजनिक रूप भी ले लेता है।