Friday, January 30

दावोस-लंदन के अनुभव से बदलेगी झारखंड की तस्वीर: CM हेमंत सोरेन बोले—1 लाख करोड़ के बजट का अनुमान

रांची।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य की आगामी आर्थिक योजनाओं और बजट को लेकर एक नई दिशा का संकेत दिया है। उन्होंने गुरुवार को रांची स्थित झारखंड मंत्रालय में आयोजित अबुआ दिशोम बजट संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि 25 वर्षों का सफर तय कर चुके झारखंड को अब एक मजबूत, समावेशी और बहुआयामी बजट की आवश्यकता है, जो युवाओं की आकांक्षाओं और राज्य की विकास संभावनाओं को साकार कर सके।

This slideshow requires JavaScript.

 

बजट की राशि और वृद्धि

मुख्यमंत्री ने बताया कि आगामी बजट का अनुमान लगभग 1 लाख करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में बजट की राशि और बढ़ेगी और इसके साथ ही राजस्व संग्रहण बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। इसका उद्देश्य विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन में वित्तीय बाधा को कम करना है।

 

आम लोगों की भागीदारी जरूरी

हेमंत सोरेन ने कहा कि बजट को बेहतर बनाने और संतुलित बनाने के लिए आम जनता की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है। इस दिशा में सरकार लगातार सुझाव मांग रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की सहभागिता से ही राज्य का बजट विकास आधारित और संतुलित बन सकता है।

 

विदेश दौरे से मिली प्रेरणा

मुख्यमंत्री ने हाल ही में दावोस में विश्व आर्थिक मंच की बैठक और लंदन दौरे का अनुभव साझा करते हुए कहा कि वहां उन्होंने समृद्ध अर्थव्यवस्था, लोगों की कार्यशैली और सांस्कृतिक परंपराओं का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि इन अनुभवों के आधार पर राज्य की योजनाओं और बजट को नई दिशा दी जाएगी।

 

नई पीढ़ी की जरूरतें और अवसर

हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड की नई पीढ़ी अलग सोच के साथ आगे बढ़ रही है, जो पारंपरिक रास्तों से हटकर नवाचार और अवसर तलाश रही है। इस दिशा में बजट को नई पीढ़ी की आवश्यकताओं और आकांक्षाओं के अनुरूप तैयार करना होगा।

 

संसाधनों का बेहतर उपयोग और वैल्यू एडिशन

मुख्यमंत्री ने राज्य के जल, जंगल, खनिज और मानव संसाधन का जिक्र करते हुए कहा कि झारखंड में संसाधनों की कमी नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य की प्राकृतिक संपदा जैसे लाह और तसर उत्पादन में वैल्यू एडिशन किया जाना चाहिए, ताकि इसका अधिकतम लाभ राज्य को प्राप्त हो।

 

विशेषज्ञों और आम लोगों के सुझाव शामिल

संगोष्ठी में बजट को और बेहतर बनाने के लिए आम लोगों से सुझाव मांगे गए। साथ ही देशभर के विशेषज्ञों के विचार भी लिए गए। मुख्यमंत्री ने बेहतर सुझाव देने वालों स्वाति बंका, किशोर प्रसाद वर्मा और गोपी हांसदा को नगद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया।

 

संगोष्ठी में शामिल प्रमुख अधिकारी और विशेषज्ञ

संगोष्ठी में वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, वित्त सचिव प्रशांत कुमार, सचिव (संसाधन) वित्त अमित कुमार, राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अमरेंद्र प्रताप सिंह और सदस्य डॉ. हरिश्वर दयाल सहित देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ जैसे डॉ. एन. कार्तिकेयन, डॉ. मनीषा प्रियम, डॉ. डी. राय और डॉ. सुधा राय उपस्थित थे।

 

Leave a Reply