
पाकिस्तान में धोखाधड़ी पर नियंत्रण के मामले में कार्रवाई अपेक्षाकृत धीमी रही है। पाकिस्तान टेलीकॉम अथॉरिटी (PTA) ने पिछले एक साल में केवल 1,875 मोबाइल नंबर और 1,604 मोबाइल फोन ब्लॉक किए। इसके मुकाबले भारत में दूरसंचार विभाग (DoT) ने धोखाधड़ी रोकने के लिए व्यापक कदम उठाए हैं।
भारत में दूरसंचार विभाग ने 21 मार्च 2025 की PIB रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 3.4 करोड़ से अधिक मोबाइल नंबर और 3.19 लाख IMEI नंबर ब्लॉक कर दिए हैं। इसके अलावा, ‘संचार साथी’ पहल के तहत 20,000 से अधिक बल्क SMS भेजने वालों को ब्लैकलिस्ट किया गया। AI और बिग डेटा तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए भारत ने 16.97 लाख व्हाट्सऐप अकाउंट्स को भी डिसएंगेज किया है।
पाकिस्तान में PTA ने फ्रॉड मैनेजमेंट मॉड्यूल का उपयोग करके धोखाधड़ी करने वाले मोबाइल नंबरों और उपकरणों पर कार्रवाई की। इसके तहत 1604 मोबाइल फोन ब्लॉक किए गए और बार-बार अपराध करने वाले 69 CNIC को ब्लैकलिस्ट किया गया। इसके अलावा, 6,014 ग्राहकों को चेतावनी जारी की गई। यह मॉड्यूल “Protection from Spam, Unsolicited, Fraudulent and Obnoxious Communication Regulations, 2020” के तहत फरवरी 2021 में लागू किया गया था। PTA का कहना है कि यह DIRBS और LSDS जैसे अन्य सुरक्षा सिस्टम के साथ मिलकर काम करता है।
हालांकि, वित्तीय वर्ष 2024-25 में PTA के ग्राहक सहायता केंद्र (CSC) ने 5,12,163 कॉल्स संभालीं, यह दिखाता है कि ग्राहकों की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, पाकिस्तान को धोखाधड़ी रोकने में प्रणाली को तेज़ करने की आवश्यकता है।
निष्कर्ष: भारत ने मोबाइल धोखाधड़ी रोकने में तकनीक और बड़े पैमाने पर कार्रवाई के माध्यम से स्पष्ट बढ़त बना ली है, जबकि पाकिस्तान में अभी भी इस क्षेत्र में सुधार की आवश्यकता है।