
हर साल 30 जनवरी को देश में शहीद दिवस मनाया जाता है। यह दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के रूप में याद किया जाता है। 30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे ने गांधीजी की हत्या की थी। हालांकि, महात्मा गांधी को इस दिन से पहले भी कई बार जानलेवा हमलों का सामना करना पड़ा था।
महात्मा गांधी पर हुए प्रमुख हमले:
- पहला हमला (25 जून 1934, पूना): हरिजन यात्रा के दौरान चरमपंथियों ने हैंड ग्रेनेड फेंका। गांधीजी को चोट नहीं आई, अधिकारियों को मामूली चोटें आईं।
- दूसरा हमला (जुलाई 1944, पंचगनी): चरमपंथी गोडसे ने हमला किया, लेकिन गांधी शांत रहे और बातचीत का प्रयास किया।
- तीसरा हमला (सितंबर 1944, सेवाग्राम): जिन्ना से मिलने की तैयारी के दौरान नाथूराम गोडसे और एलजी थत्ते ने चाकू दिखाकर रोकने की कोशिश की।
- चौथा हमला (29 जून 1946, पुणे): गांधी स्पेशल ट्रेन की पटरियों पर पत्थर रखकर उन्हें नुकसान पहुँचाने की कोशिश हुई, लेकिन ड्राइवर ने हादसा टाल दिया।
- बिरला हाउस में हमला (30 जनवरी 1948): शाम की प्रार्थना सभा में पीछे से बम फटा। इसके बाद नाथूराम गोडसे ने गोली मारकर गांधीजी की हत्या कर दी।
शहीद दिवस का महत्व:
30 जनवरी को शहीद दिवस महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ उनके सत्य और अहिंसा के विचारों को याद करने का दिन भी है। उनके बलिदान और साहस ने देश को स्वतंत्रता की राह दिखाई और समाज में बदलाव लाया।