
बाड़मेर: बाड़मेर जिला प्रशासन फिर विवादों में घिर गया है। मामला विधायक डॉ. ऋतु बनावत के नाम और फोटो का उपयोग कर बनाए गए डीपफेक वीडियो से जुड़ा है। विधायक ने आरोप लगाया है कि इस केस में शामिल मुख्य आरोपी को हाल ही में जिला प्रशासन ने गणतंत्र दिवस समारोह में सम्मानित किया।
जनवरी 2024 में वायरल हुए इस डीपफेक वीडियो के मामले में विधायक बनावत ने आरोप लगाया कि जिस व्यक्ति के खिलाफ उन्होंने एफआईआर दर्ज कराई थी, उसी दिनेश मांजू को प्रशासनिक मंच से सम्मानित किया गया। विधायक ने इसे पीड़ितों के साथ अन्याय बताते हुए पूरे मामले की जांच की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
डॉ. ऋतु बनावत ने वीडियो बयान में कहा, “इस घटनाक्रम को दुर्भाग्यपूर्ण कहा जा सकता है। प्रशासन के ऐसे निर्णय समाज में गलत संदेश देते हैं और पीड़ित के अधिकारों को कमजोर करते हैं। मैं इस मुद्दे को राजस्थान विधानसभा में उठाऊंगी और पूछूंगी कि जिस व्यक्ति पर गंभीर आरोप दर्ज हैं, उसे किस आधार पर सम्मानित किया गया।”
वहीं, आरोपी दिनेश मांजू ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि केवल आरोप लगने मात्र से कोई दोषी नहीं होता। उन्होंने दावा किया कि वे लंबे समय से पर्यावरण संरक्षण, खेजड़ी वृक्ष और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने आरोपों को लेकर मानहानि की कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
इस विवाद ने बाड़मेर प्रशासन और स्थानीय प्रशासनिक मंच पर उठाए गए फैसलों पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।