
जयपुर: राजस्थान में किन्नर समाज में पिछले कुछ समय से दो धड़ों का विवाद देखने को मिल रहा है। यह विवाद मुख्य रूप से शिव शंकर सैनी उर्फ़ तनिषा किन्नर और अन्य किन्नर समूहों के बीच उठे बयान और आरोपों को लेकर है। तनिषा द्वारा दिए गए बयानों को लेकर समाज में मतभेद की स्थिति बन गई है।
इस संबंध में सर्व किन्नर समाज ने जयपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर तनिषा के हालिया बयानों का विरोध जताया। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि ऐसे बयान राजस्थान की गंगा-जमुनी तहज़ीब के विरुद्ध हैं और ये न केवल किन्नर समाज की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि हिंदू-मुस्लिम समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने का प्रयास भी हैं।
समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि तनिषा कुछ असामाजिक तत्वों के साथ मिलकर मीडिया और सोशल मीडिया पर लगातार आपत्तिजनक व उकसाऊ बयान दे रही हैं। ‘किन्नर जिहाद’ जैसे शब्दों के प्रयोग पर किन्नर समाज ने तीखी आपत्ति जताई और इसे पूरे समाज को बदनाम करने वाली साजिश बताया।
प्रेस वार्ता में कहा गया कि राजस्थान में किन्नर समाज सदियों से सभी धर्मों, जातियों और समुदायों के साथ सौहार्दपूर्वक रहा है। समाज ने हमेशा प्रेम, आशीर्वाद और सामाजिक समरसता की परंपरा को आगे बढ़ाया है।
जानकारी के अनुसार, शिव शंकर सैनी उर्फ़ तनिषा राजस्थान के टोंक जिले के निवाई की निवासी हैं। उन्हें राजस्थान किन्नर अखाड़ा संघ की प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। तनिषा ने दावा किया है कि उन पर दो बार हमला हो चुका है। उनका कहना है कि उन पर हमले इसलिए हुए क्योंकि वे किन्नर समाज में जबरन हो रहे धर्म परिवर्तन के मुद्दे को उठा रही हैं। ध्यान रहे कि तनिषा ने 2023 में लिंग परिवर्तन कर किन्नर समुदाय में शामिल हुई थीं।
समाज के अनुसार, ‘किन्नर जिहाद’ मामले में तनिषा के खिलाफ प्रदेश के पांच थानों में मुकदमे दर्ज हैं, लेकिन अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।