
कानपुर: रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक दर्दनाक घटना कानपुर के बिठूर थाना क्षेत्र से सामने आई है, जहां बुजुर्ग मां अपनी ही संतान और बहू की हिंसा का शिकार बनी। 67 वर्षीय मीरा त्रिवेदी के अनुसार, उनके बेटे नवनीत और बहू ने उन पर बेरहमी से हमला किया, जिससे उनके चार दांत और तीन पसलियां टूट गईं। गंभीर हालत में उन्हें हैलट अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां उनकी जान बचाई जा सकी।
मीरा त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि कई बार पुलिस में शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। उल्टा, उनके कमरे में ताला लगवाया गया, जिससे उन्हें और उनके पति शिवप्रकाश को मकान के ऊपरी हिस्से में रहना मजबूरी बन गया। बुढ़ापे में सीढ़ियां चढ़ना और उतरना उनके लिए बेहद कठिन हो गया है। उनके पास न पहनने के लिए पर्याप्त कपड़े हैं और न ही सोने के लिए बिस्तर।
न्याय की मांग में पीड़िता ने पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल से गुहार लगाई। इसके बाद बिठूर पुलिस ने आरोपी बेटे नवनीत और बहू के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। बिठूर इंस्पेक्टर प्रेमनारायण विश्वकर्मा ने बताया कि पुलिस कमिश्नर के आदेश पर केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
इसके अलावा, बुजुर्ग महिला ने उपजिलाधिकारी सदर की अदालत में वरिष्ठ नागरिक उत्तर प्रदेश भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007 के तहत वाद भी दाखिल किया था। अदालत ने 17 जनवरी को आदेश देते हुए बेटे को हर महीने की सात तारीख तक तीन हजार रुपये भरण-पोषण के रूप में देने का निर्देश दिया।
पीड़िता अब पुलिस कमिश्नर से अपने कमरे को खोलवाने और सुरक्षित जीवन सुनिश्चित करने की मांग कर रही हैं।