Friday, January 30

राजस्थान विधानसभा में हुक्का बार से लेकर खेजड़ी तक, ‘नंगा नाच’ और हेल्पलाइन चर्चा का शोर

जयपुर: राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र गुरुवार को चर्चा और हंगामे का अखाड़ा बन गया। हुक्का बार की धुंध से लेकर पश्चिमी राजस्थान की खेजड़ी और जयपुर में लेपर्ड की बढ़ती हलचल तक, सदन में विपक्ष और सरकार के बीच तीखी बहस देखी गई।

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नंगा नाच’ पर हंगामा: गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम के बयान ने सदन का माहौल गर्म कर दिया। हुक्का बार को लेकर उन्होंने कांग्रेस पर तीखा तंज कसा और कहा, कांग्रेस राज में 55 हजार जगहों पर हुक्का बार चल रहे थे, आप लोग नंगा नाच कर रहे थे।” उनके इस बयान पर सदन में भारी हंगामा हुआ। स्पीकर वासुदेव देवनानी को दखल देना पड़ा और उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकार किसी की भी हो, हुक्का बार रोकने के लिए सख्त कार्रवाई होगी।

दीया कुमारी का सड़क निर्माण आंकड़ों से पलटवार: डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने सड़क निर्माण को लेकर विपक्षी आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने 5 साल में 13 हजार किमी सड़कें बनाईं, जबकि भाजपा सरकार ने मात्र 2 साल में 16,864 किमी सड़कें पूरी की हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सभी विधायकों की अनुशंसा पर विकास कार्य हो रहे हैं और किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा।

खेजड़ी संरक्षण पर रविंद्र भाटी की चेतावनी: निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने पश्चिमी राजस्थान में खेजड़ी के व्यापक कटान पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अब तक 26 लाख खेजड़ी के पेड़ कट चुके हैं और 50 लाख और काटे जाने की तैयारी है। भाटी ने सदन से खेजड़ी संरक्षण कानून बनाने की मांग की और इसे अमृता देवी के बलिदान से जोड़ा।

जयपुर में लेपर्ड के खतरे के लिए हेल्पलाइन: शहर के आबादी क्षेत्रों में पैंथर की बढ़ती गतिविधियों को लेकर विधायक कालीचरण सराफ ने सरकार से सुरक्षा की मांग की। वन मंत्री संजय शर्मा ने आश्वस्त किया कि अगले एक महीने में ‘1926’ हेल्पलाइन शुरू की जाएगी। साथ ही, महाराष्ट्र की तर्ज पर सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर वन्यजीवों और इंसानों के बीच संघर्ष को रोका जाएगा।

सत्र में यह बहस यह दर्शाती है कि विकास, सुरक्षा और पर्यावरण तीनों मुद्दे राजस्थान विधानसभा की नीति-निर्माण प्रक्रिया में गर्मागर्म चर्चा का विषय बने हुए हैं।

 

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