
नई दिल्ली: दिल्ली के उपभोक्ता आयोग ने ओला कैब्स को यात्री की शिकायत को हल किए बिना बंद करने पर ‘सेवा में भारी कमी’ का दोषी ठहराया है। आयोग ने निर्देश दिया है कि मानसिक परेशानी के लिए ओला कैब्स को शिकायतकर्ता को 10,000 रुपये का मुआवजा देना होगा।
क्या था मामला
शिकायतकर्ता शीतल राणा ने 13 मार्च, 2023 को दिल्ली से वृंदावन और वृंदावन से दिल्ली तक की राउंड ट्रिप के लिए ओला कैब्स को 4,797 रुपये का भुगतान किया था। हालांकि, यात्रा वृंदावन में ही रोक दी गई, जिससे वे अपने परिवार के साथ वहीं फंस गईं। इस कारण उन्हें दूसरी कैब बुक करनी पड़ी और 1,767 रुपये अतिरिक्त खर्च करना पड़ा।
आयोग ने ओला की सेवा में कमी पाई
दिल्ली डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर डिस्प्यूट रिड्रेसल कमीशन (DDCDRC) के अध्यक्ष मोनिका ए. श्रीवास्तव और मेंबर किरण कौशल ने कहा कि शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत टिकटों से स्पष्ट है कि ओला की सेवाओं में गंभीर कमी रही। शिकायत के बावजूद कंपनी ने कोई कार्रवाई नहीं की और इसे हल माना।
निर्णय
आयोग ने फैसला सुनाते हुए कहा कि प्रतिवादी (ओला) की लापरवाही के कारण शिकायतकर्ता को मानसिक और वित्तीय परेशानी झेलनी पड़ी। आयोग ने आदेश दिया कि ओला को सुनाए जाने की तारीख से तीन महीने के भीतर शिकायतकर्ता को 10,000 रुपये का भुगतान करना होगा।