
नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को बजट सत्र के पहले दिन संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए सभी सांसदों से सदन चलाने में सहयोग करने की अपील की। उनके भाषण के दौरान सदन में जोरदार तालियां गूंजीं। राष्ट्रपति ने कहा कि केंद्र सरकार सच्चे सामाजिक न्याय के लिए समर्पित है और ‘सबका साथ, सबका विकास’ का दृष्टिकोण हर नागरिक के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।
राष्ट्रपति ने बताया कि पिछले एक दशक में भारत ने गरीबी उन्मूलन और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है। 2014 तक केवल 25 करोड़ लोगों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिलता था, जबकि आज लगभग 95 करोड़ भारतीय इन योजनाओं से लाभान्वित हैं।
राष्ट्रपति मुर्मू के भाषण की 10 मुख्य बातें:
- संसद के प्रति खुशी: राष्ट्रपति ने कहा कि संसद के इस सत्र को संबोधित करते हुए उन्हें खुशी हो रही है। उन्होंने पिछले वर्ष की तेज प्रगति और देश की विरासत के उत्सवों को याद किया। वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने पर विशेष चर्चा का भी उल्लेख किया।
- सत्यनिष्ठ प्रशासन: उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार और घोटालों से मुक्त प्रशासन देने में सफल रही है, जिससे हर एक पैसा विकास में सही दिशा में खर्च हो रहा है।
- राष्ट्रीय वीरों को श्रद्धांजलि: राष्ट्रपति ने श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस, बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती और सरदार पटेल की 150वीं जयंती के कार्यक्रमों का स्मरण किया। इसके अलावा भारत रत्न भूपेन हजारिका की जयंती ने देश में संगीत और एकता की भावना को प्रबल किया।
- विकास की नींव मजबूत: उन्होंने कहा कि पिछले 10–11 वर्षों में भारत ने हर क्षेत्र में मजबूत आधार तैयार किया है, जो वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य के लिए महत्वपूर्ण है।
- सामाजिक न्याय और सुरक्षा: राष्ट्रपति ने दलित, पिछड़े, आदिवासी समुदाय और सभी नागरिकों के लिए संवेदनशील नीतियों की बात की। उन्होंने बताया कि सरकारी प्रयासों से अब लगभग 95 करोड़ लोग सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ ले रहे हैं।
- ग्रामीण विकास और रोजगार: उन्होंने ‘विकसित भारत-ग्राम कानून’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में 125 दिनों का रोजगार सुनिश्चित होगा। हालांकि, विपक्षी सांसदों ने इस कानून पर विरोध जताया और इसे वापस लेने की मांग की।
- एआई और डिजिटल सुरक्षा: राष्ट्रपति ने कहा कि एआई के दुरुपयोग, डीप फेक और फर्जी सामग्री लोकतंत्र और सामाजिक सौहार्द के लिए खतरा हैं। इस पर संसद को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
- सुरक्षा एवं आतंकवाद पर कार्रवाई: राष्ट्रपति ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और अन्य सुरक्षा उपायों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि माओवादी आतंकवाद की चुनौती घटकर 126 जिलों से केवल 8 जिलों तक सिमट गई है, जिनमें से तीन जिले गंभीर रूप से प्रभावित हैं।
- किसानों के लिए योजनाएं: राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार खुशहाल किसान को विकसित भारत की पहली प्राथमिकता मानती है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- विकास कानून की सराहना: राष्ट्रपति ने ‘विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम’ की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह कानून गांवों के विकास, भ्रष्टाचार रोकथाम और किसानों, पशुपालकों एवं मछुआरों के लिए नई सुविधाओं के निर्माण में मदद करेगा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह अभिभाषण विकास, सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय एकता पर केंद्रित था। उन्होंने सांसदों से आग्रह किया कि वे मिलकर लोकतंत्र की ताकत और देश की प्रगति में योगदान दें।