Wednesday, January 28

भारत-ईयू शिखर सम्मेलन: बहुपक्षवाद, सुरक्षा और हरित ऊर्जा में बड़े समझौते

 

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नई दिल्ली: भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच आयोजित शिखर सम्मेलन में दोनों पक्षों ने रणनीतिक साझेदारी, बहुपक्षवाद और वैश्विक सुधारों पर विस्तार से चर्चा की। सम्मेलन में यूक्रेन, गाजा और ईरान जैसे अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चिंता व्यक्त की गई और आतंकवाद की कड़ी निंदा की गई।

 

दोनों पक्षों ने 2030 तक एक साझा रणनीतिक एजेंडा अपनाने का निर्णय लिया है, जिसमें स्थिरता, सुरक्षा, कनेक्टिविटी और हरित ऊर्जा पर सहयोग शामिल है।

 

बहुपक्षवाद और UNSC सुधार

 

भारत और ईयू ने वैश्विक बहुपक्षीय प्रणाली के समर्थन पर जोर दिया, जिसमें संयुक्त राष्ट्र (UN) केंद्र की भूमिका निभाए। दोनों पक्षों ने सुरक्षा परिषद (UNSC) में व्यापक सुधार की मांग की और इसे और अधिक पारदर्शी, प्रभावी और समावेशी बनाने पर सहमति जताई। इसके साथ ही WTO सुधार की भी वकालत की गई।

 

वैश्विक मुद्दों पर चिंता

 

यूक्रेन में जारी संघर्ष और गाजा संकट पर दोनों पक्षों ने गहरी चिंता व्यक्त की। ईरान के हालात पर भी सतर्कता जताई गई। भारत ने अपनी भूमिका को शांति स्थापित करने के लिए हमेशा तत्पर बताया। गाजा संकट के समाधान के लिए बने शांति बोर्ड का स्वागत किया गया और दोनों पक्षों ने टू-स्टेट सॉल्यूशन के जरिए स्थायी शांति की वकालत की।

 

आतंकवाद और सुरक्षा

 

सम्मेलन में आतंकवाद, हिंसक चरमपंथ और क्रॉस-बॉर्डर आतंकवाद की कड़ी भर्त्सना की गई। मनी लॉन्ड्रिंग और एंटी-टेरर फाइनेंसिंग मानकों पर सहयोग की सहमति बनी। इस दौरान हाल के आतंकवादी हमलों जैसे पहलगाम और लाल किला हमले की भी निंदा की गई।

 

2030 तक रणनीतिक साझेदारी

 

दोनों पक्षों ने 2030 तक विस्तृत रणनीतिक एजेंडा अपनाने का निर्णय लिया। इसमें सस्टेनेबिलिटी, सुरक्षा और डिफेंस, कनेक्टिविटी और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग शामिल है। नए तकनीकी और इनोवेशन क्षेत्रों में भी साझेदारी की जाएगी। इसके तहत ईयू-भारत इनोवेशन हब और ईयू-भारत स्टार्टअप साझेदारी लॉन्च की गई।

 

हरित ऊर्जा और तकनीकी सहयोग

 

ग्रीन हाइड्रोजन टास्क फोर्स की स्थापना और भारत-ईयू विंड बिजनेस समिट को हरित ऊर्जा सहयोग में अहम कदम बताया गया। इसके अलावा AI, क्वांटम, एडवांस सेमीकंडक्टर, क्लीन टेक और बायोटेक में साझा रिसर्च पर भी सहमति बनी। डिजिटल इकोसिस्टम और DPI में भी सहयोग होगा।

 

भारत-ईयू डील और रोडमैप

 

RBI और EU सिक्योरिटीज़ एंड मार्केट अथॉरिटी के बीच MOU।

सिक्योरिटी ऑफ़ इनफॉर्मेशन पर वार्ता शुरू।

मोबिलिटी पर विस्तृत फ्रेमवर्क।

विज्ञान और तकनीकी सहयोग (2025–2030) नवीनीकृत।

होराइजॉन यूरोप प्रोग्राम के साथ सहयोग।

डिजास्टर मैनेजमेंट और मानवीय मदद में सहयोग।

बच्चों और महिलाओं के लिए डिजिटल इनोवेशन और स्किल हब।

महिला किसानों के लिए सौर ऊर्जा समाधान।

अफ्रीका में सस्टेनेबल एनर्जी ट्रांजिशन प्रोजेक्ट।

 

इस शिखर सम्मेलन ने भारत-ईयू रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा दी है और वैश्विक बहुपक्षवाद, सुरक्षा व हरित ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग को मजबूती प्रदान की है।

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