
नई दिल्ली। पूर्व भारतीय क्रिकेटर राहुल द्रविड़ के बाद बड़ी उम्मीदों के साथ भारतीय क्रिकेट टीम की कमान संभालने वाले गौतम गंभीर का कोचिंग कार्यकाल इस समय गंभीर सवालों के घेरे में है। उनके मार्गदर्शन में टीम इंडिया के हालिया प्रदर्शन ने न सिर्फ प्रशंसकों को निराश किया है, बल्कि चयनकर्ताओं और बीसीसीआई की चिंता भी बढ़ा दी है।
न्यूजीलैंड के हाथों घरेलू मैदान पर टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 408 रनों की ऐतिहासिक हार को भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। इन नतीजों के बाद गंभीर की रणनीति, टीम चयन और कोचिंग शैली पर सवाल उठने लगे हैं।
टेस्ट क्रिकेट में गिरता प्रदर्शन
गौतम गंभीर के कार्यकाल में भारतीय टेस्ट टीम का जीत प्रतिशत घटकर करीब 36 प्रतिशत रह गया है। उनके नेतृत्व में भारत को कई अप्रत्याशित झटके लगे हैं।
न्यूजीलैंड द्वारा भारत को उसी की धरती पर टेस्ट सीरीज में पहली बार व्हाइटवॉश करना, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक दशक बाद घरेलू मैदान पर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी गंवाना और वनडे क्रिकेट में श्रीलंका व न्यूजीलैंड से द्विपक्षीय सीरीज हारना—ये सभी परिणाम बीसीसीआई के लिए गंभीर चिंता का विषय बने हुए हैं।
मनोज तिवारी की कड़ी चेतावनी
पूर्व भारतीय बल्लेबाज मनोज तिवारी ने एक साक्षात्कार में साफ तौर पर कहा है कि बीसीसीआई की नजर अब टी20 वर्ल्ड कप 2026 के प्रदर्शन पर टिकी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि गौतम गंभीर इस बड़े टूर्नामेंट में टीम को खिताब नहीं दिला पाते हैं, तो बोर्ड को कड़ा फैसला लेने से पीछे नहीं हटना चाहिए।
तिवारी के अनुसार, भले ही अनुबंध की अवधि पूरी करने की बात की जा रही हो, लेकिन बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में असफलता के बाद नेतृत्व में बदलाव आम बात है, क्योंकि इससे टीम की साख जुड़ी होती है।
वीवीएस लक्ष्मण बन सकते हैं संभावित विकल्प
मनोज तिवारी ने यह भी संकेत दिया कि यदि गौतम गंभीर को कोच पद से हटाया जाता है, तो वीवीएस लक्ष्मण इस जिम्मेदारी के लिए सबसे उपयुक्त उम्मीदवार हो सकते हैं।
राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के प्रमुख के रूप में लक्ष्मण का कार्यकाल सफल रहा है। उनका शांत और संतुलित स्वभाव, राहुल द्रविड़ की कार्यशैली से मेल खाता है, जो टीम के ड्रेसिंग रूम में स्थिरता बनाए रखने में सहायक माना जाता है।
टी20 वर्ल्ड कप में तय होगा गंभीर का भविष्य
हालांकि, टी20 प्रारूप में भारतीय टीम का प्रदर्शन फिलहाल सकारात्मक बना हुआ है। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम से 9 मार्च को विश्व खिताब जीतने की प्रबल उम्मीदें जुड़ी हैं।
यह टूर्नामेंट न सिर्फ टीम इंडिया के लिए अपनी खोई प्रतिष्ठा वापस पाने का अवसर है, बल्कि गौतम गंभीर के कोचिंग करियर की दिशा तय करने वाली अंतिम परीक्षा भी साबित हो सकता है।
अब क्रिकेट जगत की निगाहें टी20 वर्ल्ड कप 2026 के नतीजों और उसके बाद बीसीसीआई के अगले कदम पर टिकी हैं।