Friday, June 12

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शंकराचार्य विवाद पर सख्त रुख किन्नर अखाड़े से ममता कुलकर्णी बाहर, जानिए कौन हैं लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी

प्रयागराज।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद में टिप्पणी को लेकर किन्नर अखाड़े ने बड़ा फैसला लेते हुए ममता कुलकर्णी को अखाड़े से निष्कासित कर दिया है। अखाड़े की प्रमुख और आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि किसी भी धर्म, परंपरा या आचार पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाना अनुचित है। इसी कारण अखाड़े ने यमाई ममता गिरी उर्फ ममता कुलकर्णी से दूरी बनाने का निर्णय लिया।

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लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा कि वह इस विवाद में किसी पक्ष को सही या गलत ठहराने नहीं जा रहीं, लेकिन मेले के दौरान ब्राह्मण बटुकों की चोटी खींचने जैसी घटना से अखाड़ा आहत हुआ। उन्होंने दो टूक कहा कि आस्था और परंपराओं का सम्मान सभी को करना चाहिए। इसी आधार पर ममता कुलकर्णी को अब किन्नर अखाड़े की सदस्य नहीं माना जाएगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि ममता कुलकर्णी पहले भी कई बार विवादित बयान दे चुकी हैं।

कौन हैं आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी

आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी का जन्म 13 दिसंबर 1980 को महाराष्ट्र के ठाणे में हुआ। उन्होंने मुंबई के मीठीबाई कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की और बाद में भरतनाट्यम में परास्नातक किया। कला और सामाजिक सरोकारों को साथ लेकर उन्होंने ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों के लिए काम करने का संकल्प लिया।

साल 2002 में उन्होंने ट्रांसजेंडर समुदाय के कल्याण के लिए एक एनजीओ की स्थापना की। इसके बाद उन्होंने ट्रांसजेंडर और LGBTQ+ समुदाय के अधिकारों की मान्यता के लिए लंबी और निर्णायक लड़ाई लड़ी। इसी संघर्ष के परिणामस्वरूप भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रांसजेंडर समुदाय को ‘थर्ड जेंडर’ के रूप में कानूनी मान्यता दी।

लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी सामाजिक कार्यकर्ता होने के साथ-साथ लेखिका भी हैं। उनकी आत्मकथा ‘मी हिजड़ा, मी लक्ष्मी’ काफी चर्चित रही है। इसके अलावा वह लोकप्रिय रियलिटी शो बिग बॉस में भी नजर आ चुकी हैं, जिससे उन्हें व्यापक पहचान मिली।

शंकराचार्य विवाद के बीच किन्नर अखाड़े का यह निर्णय साफ संकेत देता है कि अखाड़ा परंपरा, मर्यादा और सामाजिक संतुलन को सर्वोपरि मानता है और किसी भी तरह के अपमानजनक आचरण को स्वीकार नहीं करेगा

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