
आज के समय में, जब ‘हसल कल्चर’ और दूसरों को खुश करने का दबाव हर किसी की जिंदगी पर छाया हुआ है, अभिनेत्री ऐश्वर्या राय की यह सलाह महिलाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। मिस वर्ल्ड 1994 ऐश्वर्या राय का कहना है कि अपनी जिंदगी के फैसले खुद लेना जरूरी है। हर बार दूसरों की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश में हम अक्सर खुद को पीछे छोड़ देते हैं।
ऐश्वर्या ने महिलाओं से कहा है कि आत्मसम्मान और आत्मविश्वास के साथ जीना ही असली सफलता है। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि अपनी सीमाएं तय करना, जरूरत पड़ने पर ‘ना’ कहना और खुद की खुशी को प्राथमिकता देना बिल्कुल गलत नहीं है।
मनोवैज्ञानिक और वर्कप्लेस एक्सपर्ट भी ‘ना’ कहने की ताकत को सही मानते हैं। अक्सर यह लगता है कि सफलता केवल ‘हां’ कहने से मिलती है, लेकिन हर बात पर हामी भरने से मानसिक थकान और बर्नआउट का खतरा बढ़ जाता है। वेलनेस एक्सपर्ट्स के अनुसार, ‘ना’ कहने से आप अनावश्यक जिम्मेदारियों से बचते हैं और अपनी महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित कर पाते हैं।
ऐश्वर्या ने 2005 में फोर्ब्स को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि महिलाओं की सबसे बड़ी ताकत उनकी सीमाएं हैं। उनका मानना था कि असली सशक्तिकरण केवल उपलब्धियों में नहीं, बल्कि उन चीज़ों में है जिनके लिए आप “ना” कह पाते हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि समाज ने हमेशा महिलाओं के लिए अलग तरह की परीक्षाएं रखी हैं, लेकिन उनसे निपटने का सही तरीका यह नहीं कि खुद को पीड़ित समझें, बल्कि अपने लिए लिए गए फैसलों पर भरोसा रखें। जब महिलाएं अपनी सोच बदलती हैं और आत्मविश्वास के साथ खड़ी होती हैं, तभी वे सच में मजबूत बनती हैं।
ऐश्वर्या राय के अनुसार, बाहर से आने वाला प्रेशर हमेशा रहेगा, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण है आपकी अंदर की सोच और समझ। जिंदगी में हर फैसला आसान नहीं होता, लेकिन इंसान की असली ताकत तब सामने आती है जब वह जरूरत पड़ने पर साफ तौर पर “ना” कह पाता है। अपने लिए खड़ा होना और अपनी सीमाओं को पहचानना ही असली मजबूती है, खासकर महिलाओं के लिए।