
पटना, सुधेंद्र प्रताप सिंह: यूजीसी (UGC) के नए नियमों को लेकर देशभर में सवर्ण वर्ग के छात्र संगठन सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन पटना के चर्चित शिक्षक गुरु रहमान ने नए नियमों का खुले दिल से समर्थन किया है और इसे ‘ऐतिहासिक फैसला’ बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “समानता तभी आएगी जब मन में भय हो, तभी कोई किसी के खिलाफ गलत नहीं बोलेगा।”
गुरु रहमान ने अपने छात्र जीवन का अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्हें विश्वविद्यालय में भेदभाव का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा, “मैं खुद सवर्ण हूं, लेकिन UGC Equality Act का जोरदार समर्थन करता हूं। यह नियम समाज में वास्तविक समानता स्थापित करने की दिशा में एक कदम है।”
छात्र नेताओं का विरोध
दूसरी ओर छात्र नेता सौरभ कुमार ने यूजीसी के नए नियमों पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह बिल टकराव पैदा करेगा और पहले से मौजूद SC-ST एक्ट के दुरुपयोग जैसी स्थिति को और बढ़ा सकता है। सौरभ ने चिंता जताते हुए कहा, “अब ओबीसी, महिलाएं और दिव्यांग जोड़कर सवर्णों को अलग-थलग किया जा रहा है। वोट बैंक की राजनीति में सवर्णों की स्थिति बेहद कठिन हो गई है।”
सौरभ ने विरोध जताने के लिए एक कविता भी साझा की जिसमें उन्होंने लिखा:
“वोट बैंक की राजनीति में मैं सवर्ण बेचारा हूं,
पहले मुसलमानों से बच जाऊं तो अब दलितों का चारा हूं।”