
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट आज आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी की याचिका पर सुनवाई करेगा। याचिका में उन्होंने वोटर लिस्ट से कथित रूप से वोटरों के नाम हटाने के संबंध में अपनी टिप्पणियों को लेकर जारी मानहानि समन को रद्द करने की मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट के अनुसार यह मामला जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस एनके सिंह की बेंच के सामने सूचीबद्ध है।
मामले की पृष्ठभूमि
बीजेपी नेता राजीव बब्बर ने मार्च 2019 में ट्रायल कोर्ट में शिकायत दर्ज करवाई थी। इसमें आरोप लगाया गया कि आप नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि बीजेपी के निर्देश पर बनिया, पूर्वांचली और मुस्लिम समुदाय के करीब 30 लाख वोटरों के नाम चुनाव आयोग ने हटा दिए। इसके आधार पर ट्रायल कोर्ट ने केजरीवाल, आतिशी, सुशील कुमार गुप्ता और मनोज कुमार को समन भेजा।
दिल्ली हाई कोर्ट की राय
सितंबर 2024 में दिल्ली हाई कोर्ट ने आप नेताओं की याचिका खारिज कर दी थी और कहा था कि आरोप नेक इरादे और जनहित में लगाए गए हैं, लेकिन इसे ट्रायल के दौरान साबित करना आवश्यक होगा।
सुप्रीम कोर्ट का रुख
सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले केजरीवाल और आतिशी को बड़ी राहत दी थी और मानहानि मामले में आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी थी। जस्टिस अनूप कुमार मेंदिरत्ता ने कहा कि पहली नजर में आरोप मानहानिकारक प्रतीत होते हैं, जिनका उद्देश्य राजनीतिक लाभ उठाना और बीजेपी को बदनाम करना है। उन्होंने यह भी कहा कि वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने या हटाने का काम चुनाव आयोग का है और इसमें किसी राजनीतिक पार्टी की भूमिका नहीं होती।
सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी करते हुए चार हफ्ते में जवाब देने के लिए कहा था। अब अदालत इस याचिका पर पूरी तरह से सुनवाई कर रही है।