
77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारतीय वायुसेना ने पहली बार वास्तविक हथियारों का प्रदर्शन कर आलोचकों को करारा जवाब दिया। इस मौके पर राफेल, तेजस, मिराज 2000 और सुखोई-30एमकेआई जैसे लड़ाकू विमानों पर मेटियोर, अस्त्र, ब्रह्मोस और रैम्पेज मिसाइलें ले जाते हुए वीडियो जारी किया गया।
क्या है खास इस वीडियो में:
वीडियो में राफेल जेट द्वारा मेटियोर लंबी दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल दागते हुए दिखाया गया।
एलसीए तेजस और मिराज 2000 विमानों पर वही मिसाइलें लगी थीं, जिनका इस्तेमाल 2019 के बालाकोट हमले में किया गया था।
सुखोई-30एमकेआई पर अस्त्र मिसाइलें, ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल और रैम्पेज मिसाइलों को लगाया गया, जिन्हें ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल किया गया था।
पुराने हमलावर विमान जगुआर द्वारा भी अस्त्र मिसाइल ले जाते हुए दुर्लभ फुटेज देखा गया, जो वायुसेना की नई क्षमताओं को दर्शाता है।
अवलोकन और संदेश:
भारतीय वायुसेना ने यह कदम उन आलोचकों को करारा जवाब देने के लिए उठाया, जिन्होंने दावा किया था कि बालाकोट और ऑपरेशन सिंदूर में वायुसेना ने अपने हथियारों का वास्तविक इस्तेमाल नहीं किया। इस वीडियो ने न केवल पाकिस्तान और आलोचकों की गलत सूचनाओं को खारिज किया, बल्कि भारत की सशक्त और आधुनिक हवाई क्षमताओं को भी प्रदर्शित किया।
विशेष उल्लेखनीय:
रैम्पेज मिसाइल की सटीकता और युद्धक क्षमता को दिखाया गया।
यह पहली बार है जब वायुसेना ने वास्तविक हथियारों के प्रदर्शन का सार्वजनिक फुटेज जारी किया।
वीडियो ने भारतीय वायुसेना की नई पीढ़ी की मिसाइल क्षमताओं और ऑपरेशनल तैयारी को उजागर किया।