
गाजियाबाद।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के मोदीनगर क्षेत्र में रविवार देर रात एक हृदयविदारक सड़क हादसा हो गया। मोदीनगर–हापुड़ मार्ग पर नाहली गांव के पास भूसा लदी ओवरलोडेड ट्रैक्टर-ट्रॉली नाले में पलट गई, जिससे ट्रॉली में सवार दो ममेरे भाइयों की दबकर मौत हो गई। हादसे के बाद दोनों युवक करीब तीन घंटे तक भूसे के ढेर में दबे रहे, लेकिन किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी।
ट्रॉली में सो रहे थे दोनों युवक
मृतकों की पहचान हाशिम (20) और आकिब (22) के रूप में हुई है, जो जनपद बागपत के निवासी थे। दोनों अपने एक रिश्तेदार के घर भूसा पहुंचाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली से गांव नाहली जा रहे थे। बताया गया है कि दोनों युवक ट्रॉली में भूसे के ऊपर चादर डालकर सो रहे थे, जबकि ट्रैक्टर उबैद चला रहा था और उसका सहयोगी इरफान साथ बैठा था।
गड्ढे में फंसा पहिया, नाले में पलटी ट्रॉली
रविवार रात करीब एक बजे, हापुड़ मार्ग से नाहली जाने वाले रास्ते पर कुछ ही दूरी तय करने के बाद ट्रॉली का पहिया सड़क के गहरे गड्ढे और नाले किनारे दलदल में फंस गया, जिससे ट्रैक्टर असंतुलित होकर नाले में पलट गया। भूसे के भारी बोझ के कारण ट्रॉली पूरी तरह पलट गई और दोनों युवक उसके नीचे दब गए।
चालक-परिचालक घायल, मौके से हुए फरार
हादसे में ट्रैक्टर चालक उबैद और उसका सहयोगी इरफान मामूली रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि दोनों ने पास स्थित एक फैक्ट्री के सिक्योरिटी गार्ड को हादसे की जानकारी दी, लेकिन पुलिस को सूचना दिए बिना ही मौके से फरार हो गए।
हाइड्रा से हटाया गया भूसा, तब दिखे शव
घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। शुरुआत में भूसा इस कदर बिखरा हुआ था कि किसी को अंदेशा नहीं हुआ कि उसके नीचे लोग दबे हो सकते हैं। हाइड्रा मशीन की मदद से ट्रैक्टर-ट्रॉली को सीधा किया गया और भूसा हटाया गया, तब दोनों युवकों के शव दिखाई दिए, जिसे देखकर मौके पर अफरा-तफरी मच गई। दोनों को सीएचसी मोदीनगर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
गांव में पसरा मातम
मौत की खबर जैसे ही बागपत स्थित गांव पहुंची, वहां कोहराम मच गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण पहले अस्पताल और फिर भोजपुर थाने पहुंच गए। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
सड़क की बदहाली पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने बताया कि ईसापुर से नाहली जाने वाला नाला मार्ग बेहद जर्जर हालत में है। जगह-जगह गहरे गड्ढे हैं और नाले के किनारे कोई सुरक्षा बाउंड्री नहीं है। इस मार्ग से कई फैक्ट्रियों का आवागमन होता है, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है। लोगों ने प्रशासन से सड़क की मरम्मत और सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है।
पुलिस का बयान
एसीपी मोदीनगर अमित सक्सेना ने बताया कि शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों की तहरीर मिलने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस फरार चालक और परिचालक की तलाश में जुटी है।