Tuesday, January 27

राहुल गांधी पर टिप्पणी के बाद शकील अहमद का सनसनीखेज दावा, घर पर हमले की जताई आशंका

पटना।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शकील अहमद द्वारा राहुल गांधी की नेतृत्व शैली पर की गई तीखी टिप्पणी के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राहुल गांधी को ‘डरपोक’ और ‘असुरक्षित नेता’ बताए जाने के बाद अब शकील अहमद ने अपनी जान-माल को खतरा होने का दावा किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व के इशारे पर उनके पटना और मधुबनी स्थित आवासों पर हमला कराया जा सकता है।

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सोशल मीडिया के जरिए जारी किया अलर्ट

शकील अहमद ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि उन्हें पार्टी के कुछ साथियों से गोपनीय सूचना मिली है। पोस्ट के मुताबिक,
“कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व ने बिहार कांग्रेस और युवा कांग्रेस को निर्देश दिया है कि 27 जनवरी को पुतला दहन के बहाने मेरे पटना और मधुबनी आवास पर आक्रमण किया जाए।”
उन्होंने इस कथित आदेश को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया।

राहुल गांधी की नेतृत्व शैली पर सवाल

इससे पहले एक पॉडकास्ट और टीवी इंटरव्यू में शकील अहमद ने राहुल गांधी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी पार्टी के भीतर मजबूत और प्रभावशाली नेताओं से असहज महसूस करते हैं। उनका आरोप है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे केवल औपचारिक भूमिका में हैं, जबकि वास्तविक निर्णय राहुल गांधी ही लेते हैं।

शकील अहमद का यह भी कहना था कि राहुल गांधी केवल उन्हीं नेताओं के साथ काम करना पसंद करते हैं, जहां उन्हें स्वयं को ‘बॉस’ की भूमिका में देखने का अवसर मिले।

मुस्लिम तुष्टिकरण और संगठन पर भी निशाना

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस के ‘संविधान बचाओ’ अभियान को लेकर भी सवाल उठाए और दावा किया कि इसका जमीनी स्तर पर कोई खास असर नहीं दिख रहा है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज भी इस अभियान से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। शकील अहमद ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कुछ नेता मुस्लिम नेताओं के साथ सार्वजनिक मंच पर दिखने से भी बचते हैं, क्योंकि उन्हें अपने हिंदू वोट बैंक के खिसकने की चिंता रहती है।

दूसरी पार्टी में जाने से इनकार

हालांकि, शकील अहमद ने स्पष्ट किया कि उनकी नाराजगी राहुल गांधी से है, पूरी कांग्रेस पार्टी से नहीं। उन्होंने किसी अन्य राजनीतिक दल में शामिल होने की अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया। साथ ही, चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर और कांग्रेस की रणनीति पर तंज कसते हुए कहा कि
“अगर कोच खुद बल्लेबाजी करने लगे, तो टीम अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाएगी।”

शकील अहमद के इन बयानों और आरोपों के बाद कांग्रेस के भीतर आंतरिक मतभेद एक बार फिर सार्वजनिक बहस के केंद्र में आ गए हैं।

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