
नई दिल्ली: 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी का कर्तव्य पथ देशभक्ति के रंगों से चमक उठा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर समारोह का उद्घाटन किया। राष्ट्रगान की मधुर धुन और स्वदेशी 105 मिमी लाइट फील्ड गनों की 21 तोपों की सलामी ने पूरे वातावरण को गौरव और उत्साह से भर दिया। इस मौके पर यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन भी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
कार्यक्रम की प्रमुख आकर्षण रही ‘गरुड़ फॉर्मेशन’ में अपाचे AH-64E हेलीकॉप्टर की भव्य एंट्री। जैसे ही आसमान में दो अपाचे हेलीकॉप्टर नजर आए, दर्शक और मुख्य अतिथि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित, मंत्रमुग्ध होकर उन्हें देख रहे थे। इस अद्भुत प्रदर्शन ने परेड में एक नया उत्साह पैदा किया।
कर्नल विक्रांत शर्मा के नेतृत्व में अपाचे ने ‘राष्ट्रधर्मस्य रक्षणार्थं युद्धम्’ के आदर्श वाक्य के अनुरूप उड़ान भरी। यह एडवांस्ड हेलीकॉप्टर हेलफायर मिसाइल, 30-एमएम चेन गन, रॉकेट और एयर-टू-एयर मिसाइल से लैस है और कठिन मौसम तथा ऑपरेशनल हालात में भी दिन-रात एक साथ कई टारगेट पर कार्रवाई कर सकता है।
अपाचे के साथ ही लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (एलसीएच) प्रचंड ने भी कर्तव्य पथ पर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। लेफ्टिनेंट कर्नल टीटी भारद्वाज के नेतृत्व में उड़ान भरते एलसीएच अत्याधिक ऊंचाई वाले युद्ध क्षेत्रों के लिए डिजाइन किए गए हैं और टोही, अग्नि सहायता एवं त्वरित प्रतिक्रिया देने में सक्षम हैं।
इस बार की परेड में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की झांकी, पैराट्रूपर्स का शानदार प्रदर्शन और सूर्यास्त्र समेत नए हथियारों की पहली झलक भी देखने को मिली। 29 विमानों की भव्य फ्लाईपास्ट में राफेल, सुखोई-30, पी-8आई, सी-295, मिग-29, अपाचे, एलसीएच, एएलएच और एमआई-17 ने आसमान में करतब दिखाए।
कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस की यह परेड न केवल देश की सैन्य शक्ति का प्रदर्शन रही, बल्कि हर भारतीय के दिल में गर्व और उत्साह की नई लहर भी पैदा कर गई।